जरुरी जानकारी | मंडियों में खरीफ तिलहनों की कम आवक के कारण सभी तेल-तिलहन कीमतों में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मंडियों में सोयाबीन, बिनौला और मूंगफली जैसी खरीफ तिलहन फसलों की कम आवक रहने के कारण देश के थोक तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सभी तेल-तिलहनों के दाम मजबूत हो गये और सरसों, मूंगफली एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के भाव सुधार दर्शाते बंद हुए।
नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर मंडियों में सोयाबीन, बिनौला और मूंगफली जैसी खरीफ तिलहन फसलों की कम आवक रहने के कारण देश के थोक तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सभी तेल-तिलहनों के दाम मजबूत हो गये और सरसों, मूंगफली एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के भाव सुधार दर्शाते बंद हुए।
मलेशिया एक्सचेंज लगभग 2.5 प्रतिशत मजबूत बंद हुआ। जबकि शिकॉगो एक्सचेंज कल रात 1.75 प्रतिशत मजबूत रहा था और फिलहाल यहां सुधार चल रहा है।
बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि मंडियों में सरसों, मूंगफली और बिनौला (कपास नरमा) की आवक कम है। सरसों की आवक आज घटकर 1.5 लाख बोरी रह गई। किसान अपनी सोयाबीन फसल सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी-4,892 रुपये क्विंटल) पर बेचने की मंशा के साथ अपना पंजीकरण कराने में जुटे हैं। मौजूदा बाजार दाम एमएसपी से लगभग 10 प्रतिशत नीचे हैं जिससे किसानों की लागत नहीं निकलती है। केवल जरूरतमंद किसान ही सोयाबीन की बिक्री कर रहे हैं बाकियों ने अपना माल रोक रखा है। इन वजहों से देशी तेल-तिलहन कीमतों में सुधार है।
विदेशी बाजारों में सुधार रहने के बीच सोयाबीन, सीपीओ और पामोलीन जैसे आयातित तेलों के दाम में भी सुधार है।
मंडियों में सूरजमुखी एमएसपी से लगभग 20 प्रतिशत नीचे दाम पर बिक रहा है।
सूत्रों ने कहा कि पिछले साल मंडियों में कपास नरमा का दाम 6,200-6,500 रुपये क्विंटल चल रहा था। इस बार बेहतर कपास नरमा का भाव कहीं अधिक यानी 7,800-8,300 रुपये क्विंटल तक है। पिछले साल 11 अक्टूबर को कपास नरमा की आवक 75-80 हजार गांठ की हो रही थी और बेहतर दाम होने के बावजूद इस बार कपास नरमा की आवक घटी है। कल नरमा की आवक 42,000 गांठ की हुई थी जो आज घटकर 32,000 गांठ रह गई। किसान रोक-रोक कर अपना माल ला रहे हैं जो बिनौला तेल में सुधार आने का प्रमुख कारण है।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 6,650-6,700 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,350-6,625 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,000 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,270-2,570 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 13,975 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,180-2,280 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,180-2,295 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,350 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,800 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,700 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 12,125 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,700 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,750 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 12,550 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,700-4,745 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,300-4,545 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,225 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 11, 2024 06:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

