देश की खबरें | समाज, देश के समावेशी विकास में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका : राष्ट्रपति मुर्मू
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि किसी भी समाज में पिछड़े एवं आदिवासी वर्गों की स्थिति में बदलाव सहित देश के समावेशी विकास में शिक्षा का अहम स्थान है तथा जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण जैसे गंभीर विषयों से जुड़ी समस्याओं का समाधन निकालना युवाओं का कर्तव्य है।
गढ़चिरौली (महाराष्ट्र), पांच जुलाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि किसी भी समाज में पिछड़े एवं आदिवासी वर्गों की स्थिति में बदलाव सहित देश के समावेशी विकास में शिक्षा का अहम स्थान है तथा जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण जैसे गंभीर विषयों से जुड़ी समस्याओं का समाधन निकालना युवाओं का कर्तव्य है।
राष्ट्रपति ने गोंडवाना विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए सभी डिग्रीधारकों, खासतौर पर छात्राओं को बधाई दी, जिनकी संख्या इस विश्वविद्यालय में कुल डिग्रीधारकों की 45 प्रतिशत है।
उन्होंने छात्राओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यह दूसरी लड़कियों के लिए महत्वपूर्ण उदाहरण है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि किसी भी समाज में पिछड़े एवं आदिवासी वर्गों की स्थिति में बदलाव सहित देश के समावेशी विकास में शिक्षा का अहम स्थान है।
उन्होंने कहा, ‘‘जलवायु परिवर्तन तथा पर्यावरण से जुड़े गंभीर विषयों पर विचार-विमर्श करना एवं पारंपरिक ज्ञान तथा नवीनतम प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं अनुसंधान के माध्यम से ऐसी समस्याओं का समाधान निकालना आप सबका कर्त्तव्य है।’’
मुर्मू ने कहा कि गोंडवाना विश्वविद्यालय द्वारा समावेशी, कम खर्चीली और उपयोगी शिक्षा प्रदान करने की दिशा में सराहनीय कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को भी जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय और पिछड़े वर्ग के युवाओं के लिए शिक्षा के माध्यम से नये अवसर प्रदान करने को लेकर वह गोंडवाना विश्वविद्यालय की सराहना करती हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद महाराष्ट्र की यह उनकी पहली यात्रा है और यह उनके लिए विशेष प्रसन्नता का विषय है कि महाराष्ट्र की इस यात्रा का पहला कार्यक्रम युवा पीढ़ी से जुड़ा यह दीक्षांत समारोह है।
राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे जीवन में कुछ बनने और अपने सपने पूरे करने के साथ-साथ अपने विश्वविद्यालय और इस क्षेत्र से जुड़ाव रखें।
उन्होंने कहा कि समाज और देश के समावेशी विकास के लिए युवाओं की अहम भूमिका है।
मुर्मू ने कहा कि युवाओं में नई उड़ान के सपने होना स्वाभाविक है और खुद पर भरोसा आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
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