देश की खबरें | भारत में ‘स्पूतनिक वी’ के विनिर्माण, तीसरे चरण के परीक्षण के लिए रूस के आग्रह पर ‘महत्वपूर्ण विमर्श’
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, आठ सितंबर रूस के कोविड-19 टीके ‘स्पूतनिक वी’ के तीसरे चरण के परीक्षण और भारतीय कंपनियों द्वारा इसका विनिर्माण किए जाने संबंधी मॉस्को के आग्रह पर ‘‘महत्वपूर्ण विमर्श’’ हो रहा है और जल्द ही इसके विशिष्ट परिणाम आने की उम्मीद है।

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी के पॉल ने मंगलवार को कहा कि ‘‘इस देश के बहुत ही विशिष्ट मित्र से मिली भागीदारी की इस पेशकश को सरकार अत्यंत महत्व देती है।’’

यह भी पढ़े | Fire in SSG Hospital: गुजरात के एसएसजी अस्पताल के कोरोना वार्ड में लगी आग, सभी मरीज सुरक्षित.

पॉल कोविड-19 टीका संबंधी राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह के प्रमुख भी हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों ने ‘स्पूतनिक वी’ से संबंधित डेटा को देखा है जो अब सबके सामने है और इसमें तीसरे चरण के परीक्षण की आवश्यकता होगी।

यह भी पढ़े | Jharkhand: आश्रम में साध्वी के साथ गैंगरेप, 3 आरोपी गिरफ्तार.

पॉल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि भारत सरकार की नियामक प्रणाली के अनुरूप इस तरह के तीसरे चरण के परीक्षण संबंधी मुद्दे को देखा जा रहा है।

पॉल ने कहा कि रूस सरकार ने भारतीय कंपनियों द्वारा ‘स्पूतनिक वी’ का विनिर्माण और भारत में तीसरे चरण का परीक्षण करने पर विचार के लिए उचित माध्यमों से भारत सरकार से संपर्क किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘दोनों मोर्चों पर महत्वपूर्ण विमर्श हो रहा है।’’

पॉल ने कहा कि कई भारतीय कंपनियां प्रस्ताव का अध्ययन कर रही हैं। कई कंपनियां सामने आई हैं और कई अपनी रूसी समकक्षों से चर्चा कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि भारत, रूस और दुनिया के लिए यह ‘‘फायदे ही फायदे’’ की बात है।

पॉल ने कहा कि जहां तक भारत में टीके के विकास की बात है तो देश में विकसित तीन टीके परीक्षण के विभिन्न चरणों में हैं। इनमें से दो टीकों का पहले चरण का मानव परीक्षण पूरा हो चुका है और ये परीक्षण के दूसरे चरण में प्रवेश कर गए हैं। एक अन्य टीके के भी दूसरे और तीसरे चरण के मानव परीक्षण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)