जरुरी जानकारी | आयात शुल्क बढ़ने सोया डीगम, सीपीओ में सुधार, सरसों में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार के द्वारा खाद्य तेलों के आयात शुल्क मूल्य में वृद्धि किये जाने की वजह से शुक्रवार को स्थानीय मंडी में सोयाबीन डीगम तथा सीपीओ एवं पामोलीन तेल कीमतों में सुधार आया। दूसरी ओर, मांग कमजोर होने से सरसों में गिरावट देखी गई।
नयी दिल्ली, 14 मई सरकार के द्वारा खाद्य तेलों के आयात शुल्क मूल्य में वृद्धि किये जाने की वजह से शुक्रवार को स्थानीय मंडी में सोयाबीन डीगम तथा सीपीओ एवं पामोलीन तेल कीमतों में सुधार आया। दूसरी ओर, मांग कमजोर होने से सरसों में गिरावट देखी गई।
सूत्रों ने कहा कि सरकार ने कच्चा पामतेल पर आयात शुल्क मूल्य में 150 रुपये प्रति क्विन्टल की वृद्धि की है जबकि सोयाबीन डीगम के आयात शुल्क मूल्य में 60 रुपये प्रति क्विन्टल की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि शिकागो एक्सचेंज में दो प्रतिशत की तेजी थी जबकि मलेशिया एक्सचेंज शुक्रवार को बंद था। सामान्य तौर पर विदेशी बाजारों में तेजी का रुख था।
उन्होंने कहा कि मांग कमजोर पड़ने से सरसों तेल तिलहन और सोयाबीन दाना और लूज की कीमतों में नरमी का रुख रहा। जबकि आयात शुल्क मूल्य में वृद्धि किये जाने की वजह से सोयाबीन डीगम तेल का भाव 14,400 रुपये से बढ़कर 14,450 रुपये प्रति क्विन्टल हो गया। इसी प्रकार आयात शुल्क मूल्य बढ़ाये जाने की वजह से सीपीओ, पामोलीन दिल्ली और पामोलीन कांडला तेल की कीमतों में क्रमश: 100 रुपये, 50 रुपये और 100 रुपये का सुधार आया।
उन्होंने कहा कि विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बीच बाकी तेल तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि तेल तिलहन के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये किसानों को इसके बेहतर दाम मिलना जरूरी है। किसानों की आय बढ़ने से अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों को बल मिलेगा। किसानों की आय बढ़ने से अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों को बल मिलेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि तेल आयात पर निर्भता खत्म होने से सवा लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत और खली तथा मूंगफली के निर्यात से 75 हजार करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है। किसानों के तिलहन की खेती की ओर प्रोत्साहित होने से धान, गेहूं और गन्ने के गोदामों में पड़े स्टॉक और भारी सब्सिडी की चनौती से निपटने में सहायता मिलेगी।
बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 7,540 - 7,590 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली दाना - 6,295 - 6,340 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 15,500 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,480 - 2,540 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 15,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,385 -2,435 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,485 - 2,585 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 16,000 - 18,500 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,950 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,700 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 14,450 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 12,650 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,800 रुपये।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,500 रुपये।
पामोलिन एक्स- कांडला- 13,550 (बिना जीएसटी के)
सोयाबीन दाना 7,900 - 7,950, सोयाबीन लूज 7,750 - 7,800 रुपये
मक्का खल 3,800 रुपये
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(The above story first appeared on LatestLY on May 14, 2021 09:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

