हर जिले में एक वायरोलॉजी लैब की कार्ययोजना को तत्काल आगे बढायें : योगी

योगी ने यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में कोरोना वायरस जांच क्षमता को 10 हजार टेस्ट प्रतिदिन तक पहुंचाने के साथ ही प्रत्येक जनपद में एक वायरोलॉजी लैब स्थापित करने की कार्ययोजना को तत्काल आगे बढ़ाया जाए।

जियो

योगी ने यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में कोरोना वायरस जांच क्षमता को 10 हजार टेस्ट प्रतिदिन तक पहुंचाने के साथ ही प्रत्येक जनपद में एक वायरोलॉजी लैब स्थापित करने की कार्ययोजना को तत्काल आगे बढ़ाया जाए।

उन्होंने कहा कि मेडिकल संक्रमण से सुरक्षा सम्बन्धी उपायों का प्रत्येक दशा में पालन करते हुए अस्पतालों में आपात सेवाओं को सतत् जारी रखा जाए। कोविड तथा गैर कोविड अस्पतालों में पीपीई किट, एन-95 मास्क, ट्रिपल लेयर मास्क, ग्लव्स तथा सेनिटाइजर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को मेडिकल टीम के लिए स्थापित पृथक-वास केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन के नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसकी सफलता के लिए प्रत्येक स्तर पर सतर्क एवं सावधान रहना आवश्यक है। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान सामाजिक दूरी के नियम का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी भीड़ एकत्र न होने पाए।

उन्होंने पुलिस को प्रभावी गश्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र के साथ-साथ राजमार्ग तथा एक्सप्रेस-वे पर नियमित गश्त से दुर्घटनाओं को रोकने में बड़ी मदद मिलती है। उन्होंने बाजारों में पैदल गश्त की उपयोगिता पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी इलाकों में यातायात प्रबन्धन चुस्त-दुरुस्त रखा जाए तथा ग्रामीण इलाकों में भी सघन गश्त की जाए। उन्होंने निषिद्ध क्षेत्रों (कन्टेन्टमेन्ट जोन) में होम डिलीवरी व्यवस्था को सुचारू ढंग से संचालित करने के निर्देश भी दिए।

योगी ने निर्देश दिये कि प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों की सकुशल वापसी के साथ ही उन्होंने पृथक-वास केंद्रों में सुरक्षित ले जाएं। थर्मल स्कैनिंग के पश्चात जो स्वस्थ हों उन्हें खाद्यान्न पैकेट देकर घर में पृथक-वास के लिए भेजा जाए। जिनमें लक्षण दिखायी दें उन्हें पृथक-वास केंद्रों में या पृथक वार्ड में भेजा जाए। उन्होंने कहा कि अब तक 20 लाख से अधिक प्रवासी कामगार और श्रमिक उत्तर प्रदेश में सकुशल वापस आये हैं। इनकी संख्या को देखते हुए प्रत्येक पृथक-वास केंद्र में अल्ट्रा रेड थर्मामीटर तथा पल्स आक्सीमीटर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि सभी प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों को 15 दिन की खाद्यान्न किट देने के साथ-साथ उन्हें नियमित तौर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए उनका राशन कार्ड बनवाया जाए। घर पर पृथक-वास के दौरान इन्हें 1000 रुपये का भरण पोषण भत्ता भी उपलब्ध कराया जाए। प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों की कार्य कुशलता भी परखी जाये और पृथक-वास पूरा होने पर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग को हर जरूरतमन्द को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने में योगदान देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में गठित निगरानी समितियों को सक्रिय रखा जाए। इन समितियों के सदस्यों से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से संवाद स्थापित करते हुए इनके सर्विलांस कार्य की जानकारी प्राप्त की जाए।

उन्होंने कहा कि नियमित संवाद के दृष्टिगत प्रत्येक जनपद के लिए एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को नामित किया जाए। ये अधिकारी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के होंगे। ये समस्त अधिकारीगण जिलों में तैनात अधिकारियों से संवाद कायम करते हुए उनका मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि नामित किए जाने वाले 75 वरिष्ठ अधिकारी सम्बन्धित जनपद में एक सप्ताह कैम्प कर स्थिति की मौके पर समीक्षा करते हुए स्थानीय अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। उन्होंने इस कार्य में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही वन सेवा तथा वाणिज्यकर विभाग के योग्य अधिकारियों की भी सेवाएं प्राप्त करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी कोविड चिकित्सालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि इन अस्पतालों में तैनात चिकित्सक नियमित तौर पर जांच करते रहें। वेंटीलेटरों के संचालन हेतु तकनीकी कर्मियों को नामित करते हुए इनकी सूची मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध करायी जाए।

उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी पूरे प्रदेश में गेहूं क्रय व्यवस्था को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करते हुए किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने में योगदान दें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित विशेष आर्थिक पैकेज की व्यवस्थाओं के क्रम में कृषि विभाग विकास खण्ड स्तर पर खाद्यान्न की भण्डारण क्षमता सृजित करने के लिए कार्य करे। खण्ड स्तर पर खाद्यान्न की भण्डारण सुविधा उपलब्ध हो जाने से किसानों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि खनन कार्य नियमानुसार सम्पादित किया जाए।

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