घनी बस्ती में चल रहा था अवैध पॉलिशिंग कारखाना
पुलिस के अनुसार इनमें तीन दर्जन से अधिक मजदूर पश्चिम बंगाल के बताए जा रहे हैं। शेष गुजरात व तेलंगाना से हैं।
मथुरा, 15 अप्रैल उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में पुलिस ने स्थानीय निवासियों की शिकायत पर थाना गोविंद नगर क्षेत्र में सोने व चांदी पर पॉलिशिंग के अवैध रूप से संचालित कारखाने पर छापा मारा। कारखाने में भिन्न-भिन्न राज्यों के 44 मजदूर छिपकर कार्य कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार इनमें तीन दर्जन से अधिक मजदूर पश्चिम बंगाल के बताए जा रहे हैं। शेष गुजरात व तेलंगाना से हैं।
पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की टीम से सभी मजदूरों की जांच कराकर कारखाना मालिक के खिलाफ भादवि की धारा 188, 269 व 270 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरु कर दी है। इन मजदूरों में नाबालिग भी शामिल हैं।
घनी आबादी वाली बस्ती में प्रतिबंधित कारखाना संचालित किए जाने की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अरविंद कुमार ने बुधवार को उक्त कारखाने की बिजली कटवा दी।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कारखाना मालिक के यहां से तेजाब बहाए जाने का वीडियो वायरल हुआ है उससे पता चलता है कि वहां लंबे समय से चांदी व सोने के आभूषण की पाॉलिशिंग आदि के लिए तेजाब का उपयोग होता रहा है और वह जल प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है। इसलिए उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही किए जाने तथा उसके कृत्य से पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई के लिए ‘पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति’ राशि वसूले जाने के लिए प्रशासन को कहा गया है।
यमुना प्रदूषण के विरुद्ध इलाहाबाद उच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण में याचिका दायर करने वाले पर्यावरण प्रेमी गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 15, 2020 11:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

