एजेंसी न्यूज

आईआईटी-रोपड़ के शोधकर्ताओं ने कोविड-19 के लक्षणों की पहचान के लिये बनाया रिमोट उपकरण

आईआईटी-रोपड़ के शोधकर्ताओं ने कहा कि ‘द इंफ्रारेड विजन सिस्स्टम’ मनुष्य के शरीर से निकलने वाले इंफ्रारेड विकिरण को परख कर तय करता है कि व्यक्ति को बुखार है या नहीं। इसमें सापेक्ष शारीरिक तापमान के आधार पर संदिग्ध का पता लगाने की क्षमता होती है। उन्होंने कहा कि इससे रेलवे स्टेशनों, हवाईअड्डों, बस अड्डे, सिनेमा घरों और मॉल में जांच प्रक्रिया कम जोखिमपूर्ण हो जाती है।

आईआईटी-रोपड़ के शोधकर्ताओं ने कोविड-19 के लक्षणों की पहचान के लिये बनाया रिमोट उपकरण
जमात

चंडीगढ़, 24 अप्रैल आईआईटी के शोधकर्ताओं ने कहा है कि उन्होंने शरीर का तापमान मापकर कोविड-19 के लक्षणों की पहचान के लिये एक रिमोट नियंत्रित उपकरण बनाया है जो स्वास्थ्य कर्मियों को हाथ में पकड़े जाने वाले उपकरणों का सुरक्षित विकल्प देता है।

आईआईटी-रोपड़ के शोधकर्ताओं ने कहा कि ‘द इंफ्रारेड विजन सिस्स्टम’ मनुष्य के शरीर से निकलने वाले इंफ्रारेड विकिरण को परख कर तय करता है कि व्यक्ति को बुखार है या नहीं। इसमें सापेक्ष शारीरिक तापमान के आधार पर संदिग्ध का पता लगाने की क्षमता होती है। उन्होंने कहा कि इससे रेलवे स्टेशनों, हवाईअड्डों, बस अड्डे, सिनेमा घरों और मॉल में जांच प्रक्रिया कम जोखिमपूर्ण हो जाती है।

यह उपकरण चेहरे की इंफ्रारेड तस्वीर लेता है और दो सेकंड के अंदर यह तय करता है कि व्यक्ति स्वस्थ है या संदिग्ध मामले में आता है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान ली गई तस्वीर को बिना किसी तार के, जांच इकाई को भी भेजा जा सकता है।

आईआईटी रोपड़ में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के असोसिएट प्रोफेसर रविबाबू मूलवीशला ने कहा, “यह अपने आप ही पहचान कर लेगा कि व्यक्ति को बुखार है या सर्दी और यह यह भी बता देगा कि यह संदिग्ध मामला है या स्वस्थ।”

इंफ्रारेड थर्मोग्राफी (आईआरटी) लोगों की थर्मल प्रोफाइल लेकर उनके स्वास्थ्य के हालात का अनुमान लगाता है।

आईआईटी-रोपड़ ने एक बयान में कहा कि बुखार, थकान, जल्दी-जल्दी सांस लेना, बहती नाक जैसे लक्षणों वाले (कोविड-19) संदिग्धों की दूर से सुरक्षित एवं तेज जांच में आईआरटी अहम भूमिका अदा करता है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि इंफ्रारेड विजन सिस्टम 160x120 पिक्सल रेजोल्यूशन के साथ विविध प्रकार के तापमानों को मापता है। यह उपकरण छोटा है, कम लागत वाला, सुरक्षित और बिना इंसानी दखल के खुद फैसले ले सकने में सक्षम है।

रविबाबू ने कहा, “यह छोटा है और इसका वजन 400 ग्राम से ज्यादा नहीं है।”

उन्होंने कहा, “इसका शुरुआती संस्करण नैदानिक परीक्षणों के लिये तैयार है और आईआईटी-रोपड़ इसके लिये चिकित्सा उद्योग के विशेषज्ञों को आमंत्रित करता हैं।”

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 24, 2020 06:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).