देश की खबरें | आईआईएसएफ: क्यूआर आधारित इत्र भरने की प्रणाली, एकल मोटर स्वचालित वाशिंग मशीन का प्रदर्शन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भोपाल में आयोजित हो रहे भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ)-2022 में पैकिंग की लागत कम करने के लिए पुरानी डिब्बियों में इत्र और क्रीम को फिर से भरने में मददगार एक क्यूआर-कोड आधारित प्रणाली और एकल-मोटर वाली पूर्णतया स्वचालित वाशिंग मशीन समेत कई नवोन्मेष प्रदर्शित किए गए।
भोपाल, 24 जनवरी भोपाल में आयोजित हो रहे भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ)-2022 में पैकिंग की लागत कम करने के लिए पुरानी डिब्बियों में इत्र और क्रीम को फिर से भरने में मददगार एक क्यूआर-कोड आधारित प्रणाली और एकल-मोटर वाली पूर्णतया स्वचालित वाशिंग मशीन समेत कई नवोन्मेष प्रदर्शित किए गए।
युवा वैज्ञानिकों ने रक्त के नमूनों को संरक्षित करने के लिए न्यूनतम समय में आवश्यक तापमान उपलब्ध कराने वाला एक छोटा-रेफ्रिजरेटर तथा मिट्टी की नमी, हवा की गति एवं अन्य विवरणों के बारे में किसानों को सूचित करने वाला एक ‘स्मार्ट इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ (आईआईओटी) उपकरण भी प्रदर्शित किया। इन युवा वैज्ञानिकों को अपने इन नवोन्मेषों से लोगों का फायदा होने की उम्मीद है।
चार दिवसीय आईआईएसएफ 21 जनवरी से यहां मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में शुरू हुआ था।
इंदौर के मनोज पटेल ने इत्र और क्रीम भरने के लिए एक क्यूआर (क्विक रिस्पांस) कोड आधारित स्टेशन का प्रदर्शन किया।
पटेल ने कहा कि जब कोई व्यक्ति रिफिलिंग स्टेशन पर मोबाइल फोन के माध्यम से क्यूआर कोड को स्कैन करेगा, तो यह उसी बोतल में इत्र या क्रीम को फिर से भरने का विकल्प दिखाएगा। एक बार उत्पाद का चयन हो जाने के बाद, रखी गई बोतल कुछ ही समय में भर जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि इस स्टेशन में इत्र और क्रीम जैसे उत्पादों को भरने के लिए 10 लीटर क्षमता तक के कंटेनर रखने का विकल्प है और इसके परिणामस्वरूप किसी उत्पाद की नई पैकेजिंग पर निर्माता द्वारा किए गए खर्च की बचत होगी, जो काफी महत्वपूर्ण है।
एमिटी यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ निखलेश पथिक ने एक वॉशिंग मशीन प्रदर्शित की, जो कपड़ों के भार के अनुसार स्वचालित रूप से तरल साबुन का इस्तेमाल करती है और कपड़े धोने और सुखाने के लिए केवल एक मोटर का उपयोग करती है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एमिटी यूनिवर्सिटी में कार्यरत पाथिक ने कहा, ‘‘इस वाशिंग मशीन की महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह कपड़े धोने और सुखाने के लिए एक ही मोटर का उपयोग करती है, जिससे लागत कम लगती है और ऊर्जा का कम इस्तेमाल होता है।’’
उन्होंने कहा कि इसे इस्तेमाल करना बहुत आसान है और यह अपेक्षाकृत कम पानी इस्तेमाल करती है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र मनीष नौटियाल ने एक छोटा रेफ्रिजरेटर तैयार किया है। उनका दावा है कि यह स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा क्योंकि यह रक्त के नमूने और यकृत (परिवहन के दौरान) आदि को संरक्षित करने के लिए आवश्यक तापमान केवल छह घंटे में प्रदान करता है, जबकि मौजूदा उपकरण 24 घंटों में ऐसा करते हैं।
उन्होंने कहा कि यह नमूनों को बेकार होने से बचाएगा।
गुवाहाटी की ‘नवरात्रि इनोवेशन टीम’ ने एक विशेष ‘स्मार्ट आईआईओटी’ उपकरण का प्रदर्शन किया। उसका दावा है कि यह किसानों के लिए फायदेमंद होगा क्योंकि यह मिट्टी की नमी, तापमान, हवा की गति और आर्द्रता से संबंधित जानकारी मोबाइल फोन पर प्रदान करता है।
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