बेंगलुरु, 11 जुलाई भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) के वैज्ञानिकों ने एक अत्यधिक लचीला, संयुक्त सेमीकंडक्टर पदार्थ विकसित किया है, जिसका मुड़ने योग्य या वक्रीय डिस्प्ले, मोड़े जा सकने योग्य मोबाइल फोन और पहने जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी अगली पीढ़ी के उपकरणों में संभवत: उपयोग किया जा सकेगा।
आईआईएससी ने कहा कि ‘डिस्प्ले’ उद्योग में उपयोग किये जाने वाले ट्रांजिस्टर जैसे पारंपरिक सेमीकंडक्टर (ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में प्रयुक्त) उपकरण बिना किसी निश्चित आकृति वाले सिलिकॉन के बने होते हैं या बगैर आकार वाले ऑक्साइड के बने होते हैं तथा वे दोनों ही लचीले नहीं हैं।
संस्थान ने कहा कि ऑक्साइड सेमीकंडक्टर में पॉलीमर मिला कर इसका लचीलापन बढ़ाया जा सकता है, लेकिन सेमीकंडक्टर के कार्य निष्पादन से समझौता किये बगैर कितनी मात्रा में यह मिलावट की जाए, उसकी भी एक सीमा है।
‘एडवांस्ड मेटेरियल्स टेक्नोलॉजी’ पत्रिका में प्रकाशित मौजूदा अध्ययन में शीर्ष संस्थान के पदार्थ इंजीनियरिंग विभाग ने सम्मिश्रण करने का एक तरीका ढूंढा है, जिसमें पदार्थ के वजन का 40 प्रतिशत तक पॉलीमर होगा। इसमें ‘सॉल्यूशन प्रोसेस टेक्निक’, विशेष रूप से इंकजेट प्रिंटिंग का इस्तेमाल किया गया।
वहीं, पूर्व के अध्ययनों में केवल एक से दो प्रतिशत तक पॉलीमर ही मिलाये जाने की बात सामने आई थी।
संयुक्त सेमीकंडक्टर दो पदार्थों से बना है, जिनमें एक जल में घुलनशील पॉलीमर शामिल है, जैसे कि एथाइल सेल्युलोज, जो लचीलापन लाता है। एक अन्य पदार्थ इंडियम ऑक्साइड है, जो एक सेमीकंडक्टर है और यह शानदार इलेक्ट्रॉनिक प्रवाह विशेषता प्रदान करता है।
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