अहमदाबाद, 25 अप्रैल भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद (आईआईएमए) ने मंगलवार को अपने परिसर में दृष्टिबाधित महिला पेशेवरों के लिए तीन दिवसीय नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यशाला की शुरुआत की।
संस्थान द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, "नेतृत्व और सामाजिक क्षेत्र के लिए रणनीतिक सोच" नामक कार्यशाला की मंगलवार से शुरुआत हुई।
विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रतिभागियों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, आईआईएमए संकाय सदस्य पाठ्यक्रम सामग्री और शिक्षण में संशोधन कर रहे हैं।
विज्ञप्ति के अनुसार, कार्यक्रम में भाग लेने वाली कम से कम 25 महिलाएं दिल्ली, गुजरात, ओडिशा, मध्य प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न संगठनों से हैं।
विज्ञप्ति के मुताबिक, दृष्टिबाधित प्रतिभागियों को सामाजिक क्षेत्र के लिए रणनीतिक सोच, गैर सरकारी संगठनों में शासन और अनुपालन मुद्दों, वित्तीय साक्षरता, प्रबंधन वार्ता और सामाजिक क्षेत्र में नेतृत्व करने के तरीके जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे।
आईआईएमए के प्रोफेसर राजेश चंदवानी द्वारा परिकल्पित इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को ज्ञान और कौशल युक्त बनाना है जो उन्हें नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार करने में मदद कर सकता है।
आईआईएमए और ब्लाइंड पीपल्स एसोसिएशन (बीपीए) के 11 अन्य संकाय सदस्य, विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों में विशेषज्ञता के साथ, प्रतिभागियों के लिए विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला पर सत्र आयोजित करने के लिए साथ आए हैं।
विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में आईआईएम के निदेशक प्रोफेसर भरत भास्कर ने कहा, "इस कार्यक्रम के माध्यम से, हम दृष्टिबाधित महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों को समझने और उसे कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं।
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