विदेश की खबरें | अगर आतंकवादी हमलों से उकसाया गया, तो पाकिस्तान में अंदर तक हमला करेगा भारत : जयशंकर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चेतावनी दी है कि अगर आतंकवादी हमलों से उकसाया गया, तो भारत पाकिस्तान में अंदर तक हमला करेगा। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले जैसी जघन्य घटनाओं के मामले में आतंकवादी संगठनों और उनके नेताओं के खिलाफ प्रतिशोध के लिये जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
ब्रसेल्स, 10 जून विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चेतावनी दी है कि अगर आतंकवादी हमलों से उकसाया गया, तो भारत पाकिस्तान में अंदर तक हमला करेगा। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले जैसी जघन्य घटनाओं के मामले में आतंकवादी संगठनों और उनके नेताओं के खिलाफ प्रतिशोध के लिये जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किए जाने के एक महीने बाद यूरोप की यात्रा पर आए जयशंकर ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ‘हजारों’ आतंकवादियों को ‘खुले में’ प्रशिक्षित कर रहा है और उन्हें भारत में भेज रहा है।
उन्होंने समाचार संस्थान ‘पोलिटिको’ से सोमवार को कहा, ‘‘हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसलिए हमारा उन्हें संदेश है कि अगर आप अप्रैल में की गई बर्बर हरकतों को जारी रखते हैं, तो आपको प्रतिशोध के लिये जवाबी कार्रवाई का सामना करना होगा और यह कार्रवाई आतंकवादी संगठनों और आतंकवादी नेतृत्व के खिलाफ होगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें परवाह नहीं है कि वे कहां हैं। अगर वे पाकिस्तान के अंदर हैं, तो हम पाकिस्तान में अंदर तक जाएंगे।’’
गत 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी।
भारत ने छह मई की देर रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचों पर सटीक हमले किए।
इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक सैन्य संघर्ष के उपरांत 10 मई को दोनों पक्षों के सैन्य अभियान महानिदेशकों की वार्ता के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी।
जयशंकर ने चेतावनी दी कि संघर्ष के मूल कारण जस के तस हैं।
‘पोलिटिको’ ने उनके हवाले से कहा, ‘‘यह (पाकिस्तान) एक ऐसा देश है, जो आतंकवाद को राज्य की नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करने में लिप्त है। यही पूरा मुद्दा है।’’
जब जयशंकर से पूछा गया कि क्या पिछले महीने युद्ध छिड़ने की वजह बनने वाली स्थितियां अब भी मौजूद हैं, तो उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप आतंकवाद के प्रति प्रतिबद्धता को तनाव का स्रोत कहते हैं, तो निश्चित रूप से ऐसा है।’’
नुकसान के बारे में पूछे जाने पर जयशंकर ने कहा कि संबंधित अधिकारी उपयुक्त समय पर इस मामले पर बात करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत के लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने पाकिस्तानी वायुसेना को कहीं ज्यादा नुकसान पहुंचाया है, जिसकी वजह से पाकिस्तान को शांति के लिए बाध्य होना पड़ा।
उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक मेरा सवाल है, राफेल कितना कारगर था या सच कहूं तो, अन्य प्रणालियां कितनी कारगर थीं - मेरे लिए इसका सबूत पाकिस्तान की तरफ नष्ट और निष्क्रिय हवाई क्षेत्र हैं।’’
जयशंकर ने कहा, ‘‘10 तारीख को लड़ाई सिर्फ एक वजह से रुकी, और वो वजह थी कि 10 तारीख की सुबह, हमने आठ मुख्य पाकिस्तानी हवाई क्षेत्रों पर हमला किया और उन्हें निष्क्रिय कर दिया।’’
उन्होंने यह भी कहा कि गूगल पर रनवे और उन हैंगरों की तस्वीरें उपलब्ध हैं, जिन पर हमला हुआ।
यूरोप की अपनी हफ्ते भर की यात्रा के दौरान, जयशंकर द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने और आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की भारत की नीति की पुष्टि के लिए यूरोपीय संघ, बेल्जियम और फ्रांस के नेताओं के साथ बातचीत भी करेंगे।
भारत ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद, खासकर पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर भारत की प्रतिक्रिया के बारे में दुनिया को अवगत कराने के लिए 33 देशों की राजधानियों में सात बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजे थे।
भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवादी ठिकानों पर सटीक और निर्णायक हमला करेगा।
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