जरुरी जानकारी | कच्चे तेल में सुस्ती बनी रही तो घट सकते हैं पेट्रोल, डीजल के दाम
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें मामूली रूप से सुधरने से पहले तीन साल के निचले स्तर पर आ गईं लेकिन घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती तभी संभव है जब कच्चा तेल निचले स्तर पर बना रहे। उद्योग सूत्रों और अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
नयी दिल्ली, 12 सितंबर कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें मामूली रूप से सुधरने से पहले तीन साल के निचले स्तर पर आ गईं लेकिन घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती तभी संभव है जब कच्चा तेल निचले स्तर पर बना रहे। उद्योग सूत्रों और अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा मंगलवार को 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया था। दिसंबर, 2021 के बाद पहली बार ऐसा हुआ। लेकिन फ्रैंकाइन तूफान आने से मेक्सिको की खाड़ी में कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने से कच्चा तेल फिर से चढ़ गया। बृहस्पतिवार को ब्रेंट क्रूड 71 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहा जबकि वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट बढ़कर 68 डॉलर के करीब पहुंच गया।
अधिकारियों ने कहा कि अगर कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट का रुख जारी रहता है तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों को संशोधित किया जाएगा। पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस साल की शुरुआत में चुनाव-पूर्व कटौती को छोड़कर अब दो साल से अधिक समय से स्थिर हैं।
पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन ने यहां एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतें निरंतर कम होती हैं तो पेट्रोलियम कंपनियां ईंधन की कीमतों को कम करने के बारे में उचित निर्णय लेंगी।
उद्योग सूत्रों ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तीनों ईंधन खुदरा विक्रेता कंपनियां पेट्रोल और डीजल पर अच्छा मुनाफा कमा रही हैं, लेकिन कीमतों में कटौती का फैसला करने से पहले वे कीमतों में सुधार की प्रवृत्ति सुनिश्चित करना चाहती हैं।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘पेट्रोलियम विपणन कंपनियां ऐसी स्थिति नहीं चाहती हैं कि वे कीमतों में कटौती करें और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी हो जाए।’’
ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज ने उम्मीद जताई है कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती करेंगी।
एमके ग्लोबल ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में एक महीने के लिए आदर्श आचार संहिता लागू है। ऐसे में हमें दिवाली के आसपास और महाराष्ट्र चुनाव की आदर्श आचार संहिता से पहले कटौती होने की उम्मीद है। पेट्रोल और डीजल पर दो-दो रुपये प्रति लीटर की कटौती हो सकती है।’’
भारत अपनी पेट्रोलियम जरूरतों का 85 प्रतिशत आयात करता है और इसका ईंधन मूल्य निर्धारण अंतरराष्ट्रीय दरों के हिसाब से होता है।
पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने मूल्य निर्धारण की स्वतंत्रता होने के बावजूद 2021 के अंत से लागत के अनुरूप कीमतों में संशोधन नहीं किया है। उन्होंने आम चुनावों से ठीक पहले कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती की और फिर दरों को स्थिर कर दिया।
राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये प्रति लीटर है जबकि डीजल का भाव 87.62 रुपये प्रति लीटर है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 12, 2024 06:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

