कोरोना वायरस में लगभग 200 आनुवंशिक उत्परिवर्तनों की पहचान
अनुसंधानकर्ताओं ने अपने अध्ययन में विश्वभर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों में से 7,500 से अधिक को शामिल कर विषाणु जीन का विश्लेषण किया।
लंदन, छह मई वैज्ञानिकों ने कोविड-19 महामारी फैलाने वाले सार्स-कोव-2 में लगभग 200 आनुवंशिक उत्परिवर्तनों की पहचान की है।
अनुसंधानकर्ताओं ने अपने अध्ययन में विश्वभर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों में से 7,500 से अधिक को शामिल कर विषाणु जीन का विश्लेषण किया।
जीवविज्ञान में जीन में होने वाले स्थायी परिवर्तन को उत्परिवर्तन कहा जाता है।
नए कोरोना वायरस में उत्परिवर्तनों की पहचान से दवा या टीके के विकास की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है।
कोरोना वायरस के इन उत्परिवर्तनों से संबंधित अध्ययन रिपोर्ट पत्रिका ‘इन्फेक्शन, जेनेटिक्स एंड इवोल्यूशन’ में प्रकाशित हुई है।
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूसीएल) के अनुसंधानकर्ताओं के अध्ययन में सार्स-कोव-2 की वैश्विक आनुवंशिक विविधता का एक बड़ा हिस्सा कोविड-19 महामारी से सर्वाधिक प्रभावित देशों में मिला।
अध्ययन में यह भी स्थापित हुआ कि विश्व में तेजी से फैलने से पहले यह नया कोराना वायरस हाल में 2019 के अंत में ही उभरा है।
वैज्ञानिकों ने 198 उत्परिवर्तनों की पहचान की जो स्वतंत्र रूप से एक से अधिक बार घटित हुए प्रतीत होते हैं। इससे यह अनुमान मिल सकता है कि यह विषाणु किस तरह अपना रूप बदलता है।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 06, 2020 07:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

