देश की खबरें | टीएएसएमएसी मामले में अवैध नकदी, सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ के बारे में न्यायालय को सूचित करेगी ईडी

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नयी दिल्ली, 23 मई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कुछ प्रमुख संदिग्धों की पहचान की है, जो कथित तौर पर नकदी के रूप में रिश्वत ले रहे हैं और तमिलनाडु में राज्य विपणन निगम के सॉफ्टवेयर के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं।

उच्चतम न्यायालय द्वारा धन शोधन जांच पर रोक लगाने से ठीक पहले यह घटनाक्रम हुआ था।

न्यायालय ने एजेंसी की धन शोधन जांच पर रोक लगाते हुए टिप्पणी की कि केंद्रीय एजेंसी ‘‘सभी सीमाएं लांघ रही है’’ और शासन की संघीय अवधारणा का उल्लंघन कर रही है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एजेंसी धन शोधन मामले में कुछ महत्वपूर्ण लोगों के बयान दर्ज करने वाली है, क्योंकि उसे तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन (टीएएसएमएसी) के एक शीर्ष अधिकारी और एक दलाल के बीच कुछ संदिग्ध व्हाट्सऐप चैट का पता चला है, जो इस मामले का मुख्य संदिग्ध है।

उन्होंने बताया कि इस मामले में कथित तौर पर नकदी के रूप में हासिल की गई रिश्वत को रियल एस्टेट जैसे अन्य व्यवसायों में ‘‘निवेश’’ किया जा रहा और एजेंसी ने सरकारी और वित्तीय दस्तावेज जुटाए हैं, जिन्हें अगली सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा।

न्यायालय ने बृहस्पतिवार को टीएएसएमएसी में कथित वित्तीय अनियमितताओं की ईडी जांच पर रोक लगा दी और एजेंसी को नोटिस जारी किया।

टीएएसएमसी, तमिलनाडु सरकार के ‘‘पूर्ण स्वामित्व’’ में है और इसका पंजीकृत कार्यालय चेन्नई में है।

इसे राज्य में, भारत निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) और बीयर की थोक आपूर्ति के लिए विशेष अधिकार प्राप्त हैं, जिसके 43 डिपो और राज्य भर में लगभग 5,000 खुदरा इकाइयां हैं।

संघीय जांच एजेंसी ने इस मामले में पहली छापेमारी मार्च में की थी।

सूत्रों ने बताया कि ईडी उच्चतम न्यायालय को इस मामले में तलाशी के दौरान एकत्र किए गए ‘‘महत्वपूर्ण साक्ष्यों’’ के बारे में जानकारी देगी। साथ ही, कुछ टीएएसएमएसी अधिकारियों और अन्य शराब एजेंटों के दर्ज बयानों के बारे में भी बताएगी, जो अब तक कम से कम 1,000 करोड़ रुपये की ‘‘ हेराफेरी, वित्तीय धोखाधड़ी और राजनीतिक रूप से जुड़े बेनामी लेनदेन’’ की ओर इशारा करते हैं।

सूत्रों ने दावा किया कि एजेंसी ने पाया है कि टीएएसएमएसी में ‘इंडेंटिंग प्रणाली’ (सॉफ्टवेयर) के साथ ‘‘छेड़छाड़’’ कर कुछ चुनिंदा शराब की बिक्री अधिक की जा रही।

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