जयपुर (उप्र), 17 अप्रैल चित्तौड़गढ़ की उपखंड अधिकारी एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा की एक महिला अधिकारी तेजस्विनी राणा के खिलाफ आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने की शिकायत मिलने के बाद उनका तबादला कर दिया गया।
ऐसा कहा जा रहा है कि राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के एक पूर्व विधायक ने अधिकारी के खिलाफ आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार करने की शिकायत की थी जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।
ऐसा बताया जा रहा है कि एक वाहन से सर्किट हाउस जा रहे कांग्रेस पार्टी के एक विधायक को भी अधिकारी ने रोका था और लाइसेंस नहीं होने पर विधायक के चालक के खिलाफ अधिकारी के निर्देश पर पुलिस ने जुर्माना लगाया था।
सोशल मीडिया पर मौजूद कुछ वीडियो में 2017 बैच की आईएएस अधिकारी और चित्तौड़गढ़ की उपखंड अधिकारी तेजस्विनी राणा बंद के दौरान मंडी के व्यापारियों से कुछ रजिस्टर खींचते हुए और उन्हें फेंकते हुए तथा मेज को धक्का देते हुए दिखाई दे रही हैं।
पूर्व कांग्रेस विधायक सुरेन्द्र सिंह जादावत ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने मंडी में व्यापारियों से नोट छीने और उन्हें फाड़ दिया।
जादावत ने कहा कि आईएएस अधिकारी ने मंगलवार को मंडी पहुंचकर व्यापारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। अधिकारी उस समय मंडी पहुंची थी जब जिला प्रशासन ने पहले ही चार घंटे की छूट की घोषणा की थी। दुकानों पर कोई भीड़ नहीं थी और व्यापारी अकेले बैठे थे लेकिन अधिकारी ने आक्रामक तरीके से उनकी दुकानों पर पहुंचकर उनके रजिस्टर और मेज फेंक दीं। यह घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई और उसका वीडियो वायरल हो गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक दुकान पर व्यापारी नोट गिन रहा था। अधिकारी ने उससे नोट छीन लिए और उन्हें फाड़ दिया।
उन्होंने कहा कि यह एक अपराध है।
जादावत ने कहा कि उन्होंने इस बारे में उसी दिन मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। जादावत ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने दो लोगों के बंद के पास को भी फाड़ दिया।
उसी दिन उपखंड अधिकारी ने कांग्रेस विधायक राजेन्द्र सिंह बिदूड़ी के वाहन को रोका और वाहन चालक के पास लाइसेंस नहीं होने पर पुलिस को उस पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिये। जब विधायक का वाहन रोका गया था उस समय वह सर्किट हाउस जा रहे थे। विधायक अन्य वाहन से सर्किट हाउस गये।
बिदूडी ने कहा कि उन्हें पुलिस कार्रवाई पर कोई एतराज नहीं है क्योंकि अधिकारी अपना काम कर रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘वे अपना काम कर रहे थे और मुझे इससे कोई समस्या नहीं है। यह एक छोटा सा मामला था। अधिकारी के तबादले में उनकी कोई भूमिका नहीं है।’’
यह घटना मंगलवार की है और अधिकारी का तबादला बुधवार रात को किया गया। हालांकि तबादले के आदेश में कोई कारण नहीं दर्शाया गया है।
जब राणा से तबादले को लेकर पूछा गया तो उन्होंने इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
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