देश की खबरें | मोदी पंजाब की सभा में मंच पर जाते और खाली कुर्सियां देखते तो उन्हें अच्छा लगता : अखिलेश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि प्रदर्शन कर रहे किसानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पंजाब में रैली स्थल तक पहुंचने देना चाहिए था ताकि उन्हें ‘‘खाली कुर्सियां’’ दिखाई देतीं। उन्होंने कहा कि फिरोजपुर में जनसभा रद्द होने से देश यह जानने से वंचित रह गया कि तीन कृषि कानून क्यों लाए गए और बाद में क्यों वापस ले लिए गए।
गोंडा (उप्र), सात जनवरी समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि प्रदर्शन कर रहे किसानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पंजाब में रैली स्थल तक पहुंचने देना चाहिए था ताकि उन्हें ‘‘खाली कुर्सियां’’ दिखाई देतीं। उन्होंने कहा कि फिरोजपुर में जनसभा रद्द होने से देश यह जानने से वंचित रह गया कि तीन कृषि कानून क्यों लाए गए और बाद में क्यों वापस ले लिए गए।
सपा प्रमुख ने आज पूर्व मंत्री दिवंगत विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह की जयंती के अवसर पर यहां उनकी प्रतिमा का अनावरण करने के बाद श्रद्धांजलि सभा को संबोधित किया और बाद में पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि ''पंजाब के किसानों को कम से कम प्रधानमंत्री जी को मंच तक जाने देना चाहिए था, मंच पर जाते खाली कुर्सियां देखते तो उन्हें अच्छा लगता, खाली कुर्सियों पर भाषण देते तो अच्छा था क्योंकि यूपी में भी उनके लिए खाली कुर्सियां हैं। किसान भाई अकेले मंच पर बोलने तो देते उनको।''
यादव ने प्रधानमंत्री की ‘सुरक्षा में चूक’ के सवाल पर मजाक उड़ाते हुए कहा, ''इसलिए मैं कह रहा हूं कि खाली मंच पर प्रधानमंत्री जी को जाने देना चाहिए था क्योंकि प्रधानमंत्री जी ये तो बताते कि तीन काले कानून क्यों लाए गए थे और तीन काले कानून क्यों वापस लिए गए। यह सुनने से पूरा देश वंचित रह गया, इसलिए मुझे इस बात का दुख है।''
पूर्व मुख्यमंत्री ने कोडरमा की अपनी एक छोटी जनसभा का जिक्र किया और अनुभव साझा करते हुए कहा, ''मुझे याद है कि एक समय मैं कोडरमा में गया था, मैं देख रहा था कि मेरी पार्टी के नेता लगातार मुझे रोक रहे थे। कार्यक्रम 11 बजे का था और पहले आधे घंटे रोका तथा जब डेढ़ घंटा हो गया तो मैंने पूछा कि कितनी देर रोकोगे मुझे, तो एक नेता ने मुझे कान में बताया कि लोग कम आए हैं। मैंने कहा कि लोग कम होने से मतलब नहीं है।'' यादव ने कहा, ''कोडरमा में 25 लोग थे और मैंने 25 लोगों की सभा को संबोधित किया।''
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ''जहां तक सुरक्षा का सवाल है, सुरक्षा महत्वपूर्ण विषय है लेकिन पूरा देश इस महत्वपूर्ण बात को सुनने से वंचित रह गया कि तीन काले कानून क्यों लाए गए और तीनों कानून क्यों वापस हुए थे। मुझे लगता है कि भाजपा वहां बताती कि तीन काले कानून क्यों लाए गए थे और तीनों कानून क्यों वापस हुए।''
यादव ने कहा कि सपा की सरकार बनने पर गोंडा में मेडिकल कॉलेज बनाएंगे जहां गरीबों का मुफ्त इलाज होगा। उन्होंने दोहराया कि किसानों की बिजली माफ होगी और घरेलू बिजली 300 यूनिट तक नि:शुल्क दी जाएगी तथा किसान आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये की मदद की जाएगी।
गौरतलब है कि पंजाब में बुधवार को प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़क अवरुद्ध किए जाने के कारण प्रधानमंत्री का काफिला फिरोजपुर में फ्लाईओवर पर कुछ देर तक फंसा रहा था। इसके बाद वह एक रैली सहित किसी भी कार्यक्रम में शामिल हुए बिना पंजाब से दिल्ली लौट गए थे। इसके बाद प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर देशव्यापी बहस शुरू हो गई और इस घटना से एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
भाजपा ने आरोप लगाया है कि पंजाब में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने प्रधानमंत्री को ‘‘शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाने की कोशिश की’’, जबकि अन्य दलों ने भी कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर राज्य सरकार पर हमला किया है।
अखिलेश यादव की पार्टी ने राज्य में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि के कारण शुक्रवार का गोंडा से अपनी रथ यात्रा का कार्यक्रम स्थगित कर दिया।
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