विदेश की खबरें | उचित समय पर भारत की यात्रा करूंगा: नेपाल के प्रधानमंत्री ओली
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने कहा है कि वह उचित समय पर भारत की यात्रा करेंगे और उनकी यात्रा को लेकर दोनों पक्ष जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।
काठमांडू, 18 जुलाई नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने कहा है कि वह उचित समय पर भारत की यात्रा करेंगे और उनकी यात्रा को लेकर दोनों पक्ष जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।
हालांकि, उन्होंने अपनी भारत यात्रा के समय के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
भारत यात्रा के बारे में ओली की यह टिप्पणी स्थानीय मीडिया की ओर से लगाई जा रही इन अटकलों के बीच आई है कि प्रधानमंत्री को नयी दिल्ली से आधिकारिक यात्रा के लिए कोई निमंत्रण नहीं मिला है, जिससे यह संकेत मिलता है कि भारत के साथ उनके संबंधों में खटास आ गई है।
ओली ने बृहस्पतिवार देर रात नेपाली यूट्यूब चैनल 'दिशानिर्देश टीवी' के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "मैं संभवतः भारत की यात्रा पर जाऊंगा। मेरी भारत यात्रा दोनों पक्षों की ओर से आवश्यक जमीनी कार्य पूरा करने के बाद होगी।"
नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष ओली ने पिछले साल जुलाई में चौथी बार प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभाला था। उन्होंने प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद पहली विदेश यात्रा पर भारत जाने की परंपरा को तोड़ते हुए चीन जाने का फैसला किया था।
ओली ने यह भी बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नेपाल आने का निमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी संभवतः नवंबर में नेपाल आएंगे। मैंने उन्हें पहले ही एक निमंत्रण भेज दिया है। वहीं, मेरी भारत यात्रा उचित समय पर होगी।"
मोदी और ओली की मुलाकात चार अप्रैल को बैंकॉक में छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।
ओली ने उन अटकलों को भी खारिज किया कि भारत उन्हें पसंद नहीं करता। उन्होंने कहा, "जब मैं प्रधानमंत्री बना, तो भारत ने कुछ भी गलत नहीं किया।"
एक अलग संदर्भ में ओली ने कहा, "भारत और चीन, दोनों के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध हैं। भारत और चीन, दोनों ही उभरती हुई आर्थिक शक्तियां हैं और यह अच्छी बात है कि हमारे पड़ोसी देश विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि नेपाल को उनके (भारत और चीन) विकास के प्रभाव से लाभ हो सकता है।
ओली ने सलाह दी, "उन्हें (भारत और चीन को) अपने विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, लेकिन गलाकाट प्रतिस्पर्धा में उलझना ठीक नहीं है। उनके बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। उन्हें सौहार्दपूर्ण संबंधों का रास्ता चुनना चाहिए, लेकिन ऐसा रास्ता नहीं, जो तनाव पैदा करे।"
यह पूछे जाने पर कि अगर भारत और चीन के बीच तनाव बना रहता है, तो इसका नेपाल पर क्या असर पड़ेगा, ओली ने कहा कि अगर दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध होंगे, तो काठमांडू को भी लाभ होगा।
उन्होंने कहा, "हमें उनके साथ सहयोग और सहभागिता से लाभ हो सकता है। साथ ही हम उनके बड़े बाजार से भी लाभ उठा सकते हैं।"
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 18, 2025 05:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

