देश की खबरें | भारतीय प्रवासियों के साथ व्यवहार पर अमेरिका को संदेश देना होगा: थरूर
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नयी दिल्ली, 11 फरवरी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने कहा है कि जिस तरह से भारतीय प्रवासियों के एक जत्थे को अमेरिका से निर्वासित किया गया, उससे स्वाभाविक रूप से भारत में काफी चिंता और गुस्सा है तथा केंद्र सरकार को इस मामले में उचित माध्यम से वाशिंगटन को एक संदेश देना होगा।
तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य ने सोमवार शाम को एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में एक प्रश्न के जवाब में यह टिप्पणी की। उनकी यह टिप्पणी उस दिन आयी जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन दिवसीय दौरे पर फ्रांस रवाना हुए जहां से वह अमेरिकी दौरे पर भी जाएंगे।
अमेरिका की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे।
वरिष्ठ पत्रकार के.वी. प्रसाद द्वारा लिखित पुस्तक 'इंडियन पार्लियामेंट: शेपिंग फॉरेन पॉलिसी' के विमोचन के बाद थरूर ने लोगों के सवाल के जवाब दिए।
थरूर ने 104 भारतीय प्रवासियों को अमेरिका से भेजे जाने से जुड़े सवाल पर कहा, ‘‘निर्वासन के तरीके से स्वाभाविक रूप से भारत में बहुत अधिक चिंता, द्वेष और यहां तक कि गुस्सा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘किसी तरह उचित माध्यम से संदेश देना होगा और इसे कभी दोहराया नहीं जाना चाहिए।’’
पूर्व विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि भारतीय नागरिकों का हथकड़ी लगाकर अपनी मातृभूमि में लाना अच्छा व्यवहार नहीं है।
कांग्रेस सांसद का यह भी कहना था, ‘‘अगर कोई किसी देश में अवैध रूप से प्रवेश करता है तो उस देश को निर्वासित करने का अधिकार है। अगर आपकी पहचान और राष्ट्रीयता विवादित नहीं है, अगर आपकी पहचान भारतीय साबित होती है, तो भारत का दायित्व है कि वह उन्हें वापस लाए।’’
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