देश की खबरें | मुझे प्रदर्शन करने का अधिकार, यह साजिश का संकेत नहीं : दिल्ली दंगे का आरोपी सैफी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पिछले साल फरवरी में उत्तरी पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे के सिलसिले में गैरकानूनी गतिविधि (निषेध) अधिनियम या यूएपीए के तहत गिरफ्तार कार्यकर्ता खालिद सैफी ने बुधवार को अदालत में कहा कि उसे विरोध प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है और यह किसी साजिश का संकेत नहीं है।

नयी दिल्ली, 25 अगस्त पिछले साल फरवरी में उत्तरी पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे के सिलसिले में गैरकानूनी गतिविधि (निषेध) अधिनियम या यूएपीए के तहत गिरफ्तार कार्यकर्ता खालिद सैफी ने बुधवार को अदालत में कहा कि उसे विरोध प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है और यह किसी साजिश का संकेत नहीं है।

दिल्ली दंगे के ‘मास्टरमाइंड’ के तौर पर अन्य लोगों के साथ-साथ सैफी पर भी आंतकवाद निरोधी कानून के तहत आरोप लगाए गए हैं। इस दंगे में 53 लोगों की मौत हुई थी और करीब 700 अन्य घायल हुए थे। बता दें कि संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़की थी।

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सैफी का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रिबेका जॉन ने कहा, ‘‘अगर मैं और अन्य सीएए और एनआरसी को अन्यापूर्ण मानते हैं,तो मुझे इसका विरोध करने का पूरा अधिकार है। यह किसी साजिश का संकेत नहीं है।’’

जॉन ने कहा,‘‘सैफी ने सीएए और एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन किया, जैसा मैं और कई और लोगों ने इस कमरे (अदालत) में किया। यह हम में से किसी को अपराधी नहीं बनाता। यह एक जीवंत लोकतंत्र है। क्या हिंसा के लिए उकसाया गया था?’’

अधिवक्ता ने कहा कि सैफी- जो ‘यूनाइटेड अगेंस्ट हेट’ का सदस्य है- को दिल्ली पुलिस सहित देश के किसी को भी प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए सफाई देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सैफी पर दंगे से जुड़े तीन मामलों में से दो में जमानत मिल चुकी है।

गौरतलब है कि दिल्ली दंगे के सिलसिले में सैफी के अलावा जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) का पूर्व छात्र नेता उमर खालिद, जेएनयू छात्रा नताशा नरवाल और देवांगना कलिता, जामिया समन्वय समिति की सदस्य सफूरा जरगर, आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और अन्य पर सख्त कानून के तहत कार्रवाई की गई है।

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