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देश की खबरें | संन्यास ले लिया है लेकिन भारत को मुकाम तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा : छेत्री

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय फुटबॉल के महान खिलाड़ी सुनील छेत्री ने भले ही अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कह दिया हो लेकिन वह टीम के साथ जुड़े रहेंगे और उनका कहना है कि वह देश को मुकाम पर पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

देश की खबरें | संन्यास ले लिया है लेकिन भारत को मुकाम तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा : छेत्री

नयी दिल्ली, नौ जुलाई भारतीय फुटबॉल के महान खिलाड़ी सुनील छेत्री ने भले ही अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कह दिया हो लेकिन वह टीम के साथ जुड़े रहेंगे और उनका कहना है कि वह देश को मुकाम पर पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट के ट्रॉफी दौरे को हरी झंडी दिखाई। इस कार्यक्रम में मौजूद छेत्री ने कहा कि भारत एक दिन ऐसे मुकाम पर पहुंचेगा जिसका देश के लोगों ने सपना देखा है।

कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने के बाद पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने वाले छेत्री ने कहा, ‘‘मैंने अपने करियर में कई उतार चढ़ाव देखे हैं लेकिन एक चीज बरकरार रहेगी कि एक दिन दिन हम उस स्तर पर पहुंचेंगे जिसका हम सभी ने सपना देखा है।’’

छेत्री इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में खेलना जारी रखेंगे क्योंकि बेंगलुरु एफसी के साथ उनका अनुबंध अगले साल तक है। उन्होंने हालांकि अभी तक फैसला नहीं किया है कि वह कब तक घरेलू फुटबॉल में खेलते रहेंगे।

छेत्री अगले महीने 40 साल के हो जायेंगे। 2022 में बेंगलुरु एफसी की अगुआई करते हुए डूरंड कप खिताब दिलाने वाले छेत्री ने कहा, ‘‘मैं अब ज्यादा कुछ नहीं कर सकता हूं क्योंकि मैं संन्यास ले चुका हूं लेकिन मैं भारत को उस मुकाम तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा। हमें इसके लिए काफी काम करना होगा, लेकिन हम उस मुकाम तक जरूर पहुंचेंगे जहां हम पहुंचना चाहते हैं। ’’

छेत्री के 19 साल लंबे करियर के दौरान भारत एशिया में शीर्ष 20 में रहा है लेकिन शीर्ष 10 में नहीं पहुंच सका। इस समय भारत एशिया में 22वें और दुनिया में 124वें स्थान पर है।

जुलाई 2023 में भारतीय टीम फीफा रैंकिंग में शीर्ष 100 में पहुंची थी।

डूरंड कप के बारे बात करते हुए छेत्री ने कहा ‘‘जब मैं दिल्ली के क्लब के लिए खेलता था तो मुझे पहचान मिली थी। यह एक टूर्नामेंट नहीं है, बल्कि भारतीय फुटबॉल का इतिहास और परंपरा इससे जुड़ी है। ’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 10, 2024 04:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).