देश की खबरें | अब भी नेकां में हूं, लेकिन जम्मू क्षेत्र के हित में कोई भी बलिदान देने को तैयार : राणा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नेशनल कांफ्रेंस से त्यागपत्र देने की अटकलबाजियों के बीच पार्टी के जम्मू प्रांत के अध्यक्ष देवेंदर सिंह राणा ने सोमवार को कहा कि उन्होंने अब तक त्यागपत्र नहीं दिया है और साथ ही यह भी कहा कि जम्मू क्षेत्र और यहां के लेागों के हित में वह कोई भी बलिदान दे सकते हैं ।

जम्मू, चार अक्टूबर नेशनल कांफ्रेंस से त्यागपत्र देने की अटकलबाजियों के बीच पार्टी के जम्मू प्रांत के अध्यक्ष देवेंदर सिंह राणा ने सोमवार को कहा कि उन्होंने अब तक त्यागपत्र नहीं दिया है और साथ ही यह भी कहा कि जम्मू क्षेत्र और यहां के लेागों के हित में वह कोई भी बलिदान दे सकते हैं ।

राणा ने भारतीय जनता पार्टी समेत जम्मू क्षेत्र के सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होकर क्षेत्र और लोगों के हित में जम्मू घोषणा को अपनाने की अपील की, जैसे कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लोगों ने अपनी राजनीतिक और धार्मिक संबद्धता से ऊपर उठ कर अपने क्षेत्रों से संबंधित मुद्दों पर रूख अपनाया था ।

राणा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैने अब तक अपना इस्तीफा नहीं दिया है और.....मैं अब भी जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस का प्रांतीय अध्यक्ष हूं । मैं जो भी करूंगा, आपको बताऊंगा ।’’

विधायक रह चुके राणा उन खबरों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें कहा गया है कि वह पार्टी के पद से त्यागपत्र दे रहे हैं, जिसे उन्होंने 2011 में संभाला था, तब वह तत्कालीन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के राजनीतिक सलाहकार थे ।

अलग अलग राजनीतिक दलों के कई अन्य नेताओं ने आज दिन में उनसे मुलाकात की । इसमें चौधरी लाल सिंह भी शामिल हैं जो डोगरा स्वाभिमान संगठन पार्टी के अध्यक्ष हैं और अलग जम्मू राज्य के लिये अभियान चला रहे हैं ।

उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं उन सबका स्वागत करूं जो मेरे आवास पर आते हैं, चाहे वह भाई हो, एक दोस्त हो अथवा एक अतिथि हो ..मैं दोहरा रहा हूं कि मैं यह कहता आ रहा हूं कि जम्मू क्षेत्र के हितों और यहां के लोगों की इच्छाओं और अपेक्षाओं के साथ कोई समझौता नहीं किया जायेगा ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक जम्मू और यहां के लोगों के हितों का सवाल है तो मैंने भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, पीडीपी, नेकां और नेशनल पैंथर्स पार्टी से नौ महीने पहले जम्मू घोषणा के लिये एकजुट होने की अपील की ।

उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक जुड़ाव से ऊपर उठने और जम्मू क्षेत्र के लोगों की बेहतरी के लिए एकजुट होने का समय है।

राणा ने कहा कि वह कोई अलग पार्टी नहीं बना रहे हैं । नेकां नेता ने कहा कि वह जम्मू घोषणा के साथ खड़े हैं और अंतिम सांस तक इसका प्रचार करते रहेंगे ।

30 जनवरी को, राणा ने जम्मू-कश्मीर के विभिन्न समुदायों और विभिन्न क्षेत्रों के बीच एकता बनाने और विश्वास को मजबूत करने के लिए एक चार्टर 'जम्मू घोषणा' का प्रस्ताव रखा था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\