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महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश सीमा पर सेंधवा में सैकड़ों प्रवासी श्रमिकों ने किया हंगामा

इसबीच, मध्यप्रदेश सरकार ने भोपाल में बताया कि पिछले तीन दिन में सेंधवा के पास सीमा से लगभग 15,000 प्रवासी मजदूरों को अन्य स्थानों पर भेजा गया है।

महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश सीमा पर सेंधवा में सैकड़ों प्रवासी श्रमिकों ने किया हंगामा
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भोपाल/ बड़वानी, 14 मई मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में मुम्बई-आगरा राजमार्ग पर महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश की सीमा पर सेंधवा कस्बे के पास सैकड़ों प्रवासी श्रमिकों ने परिवहन और भोजन की व्यवस्था की मांग करते हुए बृहस्पतिवार को पथराव किया।

इसबीच, मध्यप्रदेश सरकार ने भोपाल में बताया कि पिछले तीन दिन में सेंधवा के पास सीमा से लगभग 15,000 प्रवासी मजदूरों को अन्य स्थानों पर भेजा गया है।

प्रदेश सरकार ने यह भी कहा कि यहां महाराष्ट्र से प्रवासियों की भारी तादाद में आमद होने से सीमा पर श्रमिकों का दबाव बना हुआ है।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों ने यहां बृहस्पतिवार को कई बार हंगामा किया और आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा उनके परिवहन और भोजन की व्यवस्था नहीं की गई है। नाराज होकर श्रमिकों ने दोपहर में पथराव कर हंगामा कर दिया हालांकि इसमें कोई घायल नहीं हुआ।

पुणे (महाराष्ट्र) से यहां पहुंचे शैलेश त्रिपाठी ने कहा कि प्रवासियों में गर्भवती महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और बच्चे शामिल हैं, इनको यहां भोजन, पानी और परिवहन के अभाव में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि यहां मप्र-महाराष्ट्र की सीमा पर बड़ी संख्या में प्रवासी कई घंटे से बैठे हैं लेकिन उनके लिए परिवहन की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के सतना, रीवा, अनूपपुर और मध्यप्रदेश के अन्य जिलों के साथ ही अन्य प्रदेशों के लोग भी यहां फंसे हुए हैं।

वहीं, बड़वानी के जिलाधिकारी अमित तोमर ने कहा कि प्रवासियों को यहां से 135 बसों से विभिन्न जिलों में बने ट्रांजिट प्वाइंट पर भेजा गया है। जिला प्रशासन और बसों की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहा है ताकि प्रवासियों को उनके घरों तक भेजा जा सके।

प्रवासियों द्वारा पथराव और हंगामा किये जाने के सवाल पर तोमर ने कहा कि कुछ बसों के रवाना होने के बाद शेष बचे प्रवासी श्रमिकों को यह लगा कि उनके लिए और बसें नहीं आयेंगी लेकिन अधिकारियों के आश्वासन पर वह शांत हो गये।

इसबीच, प्रदेश सरकार ने भोपाल में जारी अपने बयान में कहा कि प्रवासियों का सबसे अधिक दबाव सेंधवा के निकट मध्यप्रदेश महाराष्ट्र की सीमा पर पड़ रहा है और वहां हर दिन पांच से हजार प्रवासी कामगार पहुंच रहे हैं।

प्रदेश सरकार ने कहा कि इन श्रमिकों को भोजन, चिकित्सा परीक्षण के बाद नि:शुल्क बसों के माध्यम से देवास के ट्रांजिट सेंटर पर पहुँचाया जा रहा है। वहां से बसों द्वारा सागर, छतरपुर, गुना और शिवपुरी पहुँचाया जाता है।

इन स्थानों से प्रदेश के दूसरे जिलों के श्रमिकों को उनके जिले में और उत्तरप्रदेश, झारखण्ड तथा बिहार के श्रमिकों को उत्तरप्रदेश की सीमा तक पहुँचाया जा रहा है। सेंधवा सीमा पर पिछले तीन दिनों में लगभग 15 हजार श्रमिकों को भोजन करवा कर उन्हें बसों के माध्यम से देवास होते हुए उनके गंतव्य की ओर भेजा गया है। श्रमिकों की संख्या काफी अधिक होने से बसों की संख्या और फेरे बढ़ाने की सतत कोशिशें की जा रही हैं।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रमिकों मे अपील की है कि वे धैर्य रखें, उनको भोजन और चिकित्सा जांच के उपरांत बसों में नि:शुल्क पहुंचाया जाएगा। उन्होंने अनुरोध किया, ‘‘संकट की इस घड़ी में घबराये नहीं, मध्यप्रदेश सरकार एक-एक श्रमिक को घर पहुँचाएगी।’’

अतिरिक्त मुख्य सचिव आईसीपी केशरी ने बताया कि मध्यप्रदेश के 2.26 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों को अन्य राज्यों से सड़कों द्वारा प्रदेश में लाया गया है। इसके अलावा बृहस्पतिवार तक 86 हजार प्रवासियों को विशेष ट्रेनों से प्रदेश में लाया गया हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर अब तक प्रदेश के 3.12 लाख प्रवासी श्रमिकों को अन्य प्रदेशों से मध्यप्रदेश में लाया गया है।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 14, 2020 10:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).