देश की खबरें | मानव-पशु संघर्ष:प्रियंका ने वायनाड में ग्रामीणों की चिंता दूर करने में पूर्ण सहयोग का दिया आश्वासन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस महासचिव और वायनाड से लोकसभा सदस्य प्रियंका गांधी ने सोमवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र में वन से सटे गांवों में ग्रामीणों से बातचीत की और क्षेत्र में बढ़ते मानव-पशु संघर्ष पर उनकी चिंताओं को दूर करने में उन्हें पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

मलप्पुरम (केरल), 10 फरवरी कांग्रेस महासचिव और वायनाड से लोकसभा सदस्य प्रियंका गांधी ने सोमवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र में वन से सटे गांवों में ग्रामीणों से बातचीत की और क्षेत्र में बढ़ते मानव-पशु संघर्ष पर उनकी चिंताओं को दूर करने में उन्हें पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

कांग्रेस सांसद ने मुथेदम के उचक्कुलम बस्ती में हाथियों को आवासीय क्षेत्रों में आने से रोकने के लिए वर्षों पहले खोदे गये गड्ढों की खराब दशा पर चिंता व्यक्त की।

इन गड्ढों का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने वहां उपस्थित वन अधिकारियों से कहा कि आवारा हाथियों को रोकने के लिए ये गड्ढे अपर्याप्त हैं और स्थानीय निवासियों की चिंताएं जायज हैं।

प्रियंका जब सरोजिनी नामक एक महिला के घर गयी थीं तब ग्रामीणों ने उनसे गड्ढों की खराब स्थिति के बारे में शिकायत की थी। उसके बाद उन्होंने क्षेत्र का दौरा किया। सरोजिनी की हाल में एक जंगली हाथी के हमले में मौत हो गई थी।

प्रियंका ने जब चार दशक पुराने इन गड्ढों के बारे में लोगों की चिंता सुनी तब उन्होंने उन्हें देखने पर जोर दिया और वह फिर मौके पर गयीं।

उन्होंने इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि कई स्थानों पर गड्ढे मिट्टी से ढक गए हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि समय पर रखरखाव न होने के कारण जनता का विश्वास कम हुआ है।

सांसद ने क्षेत्र में एक सुरक्षात्मक दीवार खड़ी करने तथा रोजगार गारंटी योजना के तहत मिट्टी हटाकर तथा पेड़-पौधों को साफ करके मौजूदा गड्ढों की गहराई बढ़ाने का सुझाव दिया।

बाद में प्रियंका ने संवाददाताओं से कहा कि गड्ढे बहुत खराब हालत में हैं और स्थानीय लोगों को अब उन पर भरोसा नहीं रहा।

कांग्रेस नेता ने कहा,‘‘उन्हें लगता है कि भले ही गड्ढों की मरम्मत कर दी जाए या उन्हें फिर से खोद दिया जाए, लेकिन उनका रखरखाव नहीं किया जाएगा। मैंने विकल्पों पर चर्चा की है और कुछ उपाय सुझाए हैं। हम इस पर मिलकर काम करेंगे। यहां के लोगों के लिए सुरक्षित महसूस करना और बुनियादी सुविधाएं प्राप्त करना बहुत महत्वपूर्ण है।’’

यहां पार्टी कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए प्रियंका ने कहा कि वायनाड के आदिवासी लोग शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं तक अपर्याप्त पहुंच समेत गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और इनसे निपटने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें उसका समाधान करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।’’

पिछले साल की भूस्खलन त्रासदी का जिक्र करते हुए प्रियंका ने कहा कि संसद और केरल विधानसभा में दबाव बनाने के बाद केंद्र ने गंभीर प्रकृति की आपदा मानने की मांग स्वीकार कर ली।

उन्होंने कहा, ‘‘ इसलिए सरकार को प्रभावित लोगों के वास्ते और धनराशि आवंटित करनी चाहिए।’’

इससे पहले दिन में कांग्रेस महासचिव ने सरोजिनी के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की, जिसे हाल में उचक्कुलम में जंगली हाथी ने मार डाला था।

उन्होंने मृतक महिला के पति और बच्चों सहित उसके रिश्तेदारों से बात की और उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now