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जरुरी जानकारी | टीसीएस में भारी बिकवाली, विदेशी कोषों की निकासी से सेंसेक्स 736 अंक टूटा, निफ्टी 22,000 से नीचे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इन्फोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली, अन्य एशियाई बाजारों में गिरावट और विदेशी कोषों की निकासी के बीच मंगलवार को प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी एक-एक प्रतिशत तक टूट गए।

जरुरी जानकारी | टीसीएस में भारी बिकवाली, विदेशी कोषों की निकासी से सेंसेक्स 736 अंक टूटा, निफ्टी 22,000 से नीचे

मुंबई, 19 मार्च टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इन्फोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली, अन्य एशियाई बाजारों में गिरावट और विदेशी कोषों की निकासी के बीच मंगलवार को प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी एक-एक प्रतिशत तक टूट गए।

जापान के केंद्रीय बैंक के 17 साल में पहली बार ब्याज दरों को बढ़ाने के फैसले से भी बाजार पर दबाव बना।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 736.37 अंक यानी 1.01 प्रतिशत गिरकर 72,012.05 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 815.07 अंक फिसलकर 71,933.35 अंक तक आ गया था।

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 238.25 अंक यानी 1.08 प्रतिशत गिरकर 21,817.45 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 शेयरों में 41 शेयर नुकसान में रहे।

विश्लेषकों ने कहा कि इस सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर पर फैसले से पहले निवेशक सतर्कता का रुख अपना रहे हैं।

सेंसेक्स के शेयरों में टीसीएस में चार प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी की प्रवर्तक टाटा संस ने एक थोक सौदे में इसके लगभग 2.3 करोड़ शेयर यानी 0.65 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी बेची है।

इसके अलावा इंडसइंड बैंक, विप्रो, नेस्ले, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इन्फोसिस, पावर ग्रिड, आईटीसी, टेक महिंद्रा, टाटा मोटर्स और अल्ट्राटेक सीमेंट में भी उल्लेखनीय गिरावट हुई।

दूसरी ओर बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, टाइटन और भारती एयरटेल के शेयर लाभ में बंद हुए।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि बैंक ऑफ जापान के 17 वर्षों में पहली बार ब्याज दरों को बढ़ाने के फैसले से एशियाई बाजार दबाव में आ गए। इसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा।

उन्होंने कहा कि बाजार में मूल्यांकन ज्यादा होने को लेकर चिंताओं के जोर पकड़ने और अमेरिका में उम्मीद से अधिक मुद्रास्फीति से भी बिकवाली ने जोर पकड़ा।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के खुदरा शोध प्रमुख दीपक जसानी ने कहा कि निफ्टी एक महीने से अधिक के निचले स्तर पर आ गया है।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले के इंतजार में निवेशक सावधानी बरत रहे हैं। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी से भी बाजार की धारणा कमजोर हो रही है।

व्यापक बाजारों में बीएसई मिडकैप सूचकांक में 1.36 प्रतिशत और स्मालकैप सूचकांक में 1.04 प्रतिशत की गिरावट आई।

क्षेत्रवार सूचकांकों के मामले में आईटी में 2.66 प्रतिशत, प्रौद्योगिकी में 2.36 प्रतिशत, दूरसंचार में 1.74 प्रतिशत, सेवाओं में 1.60 प्रतिशत और उपयोगिता खंड में 1.57 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरकर बंद हुए, जबकि जापान के निक्की में तेजी हुई।

यूरोपीय बाजार दोपहर के कारोबार में मामूली बढ़त में थे। अमेरिकी बाजार सोमवार को तेजी के साथ बंद हुए थे।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 2,051.09 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.40 प्रतिशत गिरकर 86.54 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

पाण्डेय प्रेम

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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 19, 2024 06:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).