एचआरडी मंत्रालय ने समर्पित अनुसंधान एवं नवाचार डिविजन का गठन करेगी
मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा, ‘‘शोध कार्यो को बढ़ावा देने के लिये एक समर्पित डिविजन का सृजन किया जा रहा है जिसे ‘‘ अनुसंधान एवं नवाचार डिविजन’ के रूप में जाना जायेगा।’’
नयी दिल्ली, 7 मई देशभर में स्थित अकादमिक संस्थानों में शोध कार्यो को बढ़ावा देने के लिये मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) ने समर्पित ‘अनुसंधान एवं नवाचार डिविजन’ का गठन करेगी। केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बृहस्पतिवार को इस आशय की जानकारी दी ।
मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा, ‘‘शोध कार्यो को बढ़ावा देने के लिये एक समर्पित डिविजन का सृजन किया जा रहा है जिसे ‘‘ अनुसंधान एवं नवाचार डिविजन’ के रूप में जाना जायेगा।’’
उन्होंने कहा कि इस डिविजन के प्रमुख एक निदेशक होंगे जो एमएचआरडी के तहत आने वाले विभिन्न संस्थानों में शोध कार्यो का समन्वय करेंगे ।
मंत्री ने यह घोषणा ऐसे समय में की है जब मंत्रालय ने गेट स्कोर को कम करने एवं लैटरल एंट्री के विकल्प को जोड़ते हुए प्रधानमंत्री शोध फेलोशिप (पीएमआरएफ) योजना का दायरा बढ़ाने की का निर्णय किया है।
निशंक ने अपने ट्वीट में कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अधिक से अधिक प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री रिसर्च फ़ेलोशिप (पीएमआरएफ) से जोड़ने के लिए हमने चयन प्रक्रिया में कई परिवर्तन किये हैं ।
उन्होंने बताया कि फ़ेलोशिप के लिए मान्यता प्राप्त संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों से गेट अभ्यार्थियों का न्यूनतम स्कोर 750 से घटाकर 650 कर दिया गया है। पात्रता परीक्षा में न्यूनतम सीजीपीए 8 है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इस प्रतिष्ठित फ़ेलोशिप की ओर आकर्षित हो और इसका लाभ ले सके।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सीधे प्रवेश के अतिरिक्त लेटरल एंट्री का भी प्रावधान किया गया है। लेटरल एंट्री से वे प्रतिभाशाली छात्र लाभान्वित होंगे जो 12 या 24 महीने की पीएचडी रिसर्च कर चुके हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 07, 2020 08:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

