विदेश की खबरें | हांगकांग जिला परिषदों में निर्वाचित सीटों की संख्या में कटौती करेगा
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

हांगकांग पर चीन के शासन के बाद यह आखिरी निकाय थे जिनमें जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से प्रतिनिधि चुने जाते थे।

मुख्य कार्यकारी जॉन ली ने बदलाव के तहत नगरपालिका स्तर के संगठन में प्रत्यक्ष निर्वाचित सदस्यों के अनुपात में कटौती कर 20 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया जो मौजूदा समय में 90 प्रतिशत है।

प्रत्यक्ष निर्वाचित सदस्यों का यह अनुपात वर्ष 1980 में स्थापना के समय से भी कम है जब हांगकांग पर ब्रिटेन का शासन था।

उन्होंने बताया कि 470 सीटों में से शेष सीटों पर सरकार द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि, ग्रामीण समिति के अध्यक्ष, स्थानीय समितियों द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि होंगे जिनमें से अधिकतर सरकार के साथ हैं।

ली ने कहा, ‘‘ मैं इससे सहमत नहीं हूं कि केवल (मतों की) गणना का अभिप्राय लोकतंत्र है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ अलग-अलग स्थानों पर अपनी व्यवस्था होती है और उक्त स्थान के सभी चरित्रों और तत्वों को संज्ञान में लिया जाना चाहिए।’’

ली द्वारा पेश चुनावी योजना बीजिंग द्वारा पूर्व ब्रिटिश उपनिवेश पर अपने नियंत्रण को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदम के तौर पर देखा जा रहा है जिसने वर्ष 1997 में ब्रिटेन से हांगकांग को वापस लेते वक्त स्वायत्ता देने का वादा किया था।

गौरतलब है कि दो साल पहले हांगकांग ने अपनी विधायिका के लिए कानून में बदलाव किया था और जनता की प्रतिनिधि चुनने के अधिकार को काफी हद तक सीमित कर दिया था ताकि बीजिंग समर्थक सांसद शहर के लिए फैसले कर सकें।

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