देश की खबरें | हिमाचल प्रदेश सरकार का दावा, नड्डा ‘मेडिकल डिवाइस पार्क’ परियोजना पर लोगों को गुमराह कर रहे
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शिमला, 20 अप्रैल हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने राज्य में ‘मेडिकल डिवाइस पार्क’ बनाने के लिए केंद्रीय धन का उपयोग नहीं किए जाने के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा के दावे को लेकर रविवार को उन पर निशाना साधा और इसे लोगों को ‘‘गुमराह’’ करने का प्रयास करार दिया।
इससे पहले दिन में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने राज्य में सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार को ‘‘सबसे भ्रष्ट’’ करार दिया और दावा किया कि उसने एक ‘मेडिकल डिवाइस पार्क’ के निर्माण के लिए आवंटित 25 करोड़ रुपये की राशि केंद्र को लौटा दी है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार एक ‘बल्क ड्रग पार्क’ के लिए राज्य को आवंटित 1,000 करोड़ रुपये में से 2023 तक जारी किए गए 225 करोड़ रुपये का उपयोग करने में विफल रही।
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में रेखांकित किया कि कांग्रेस नीत सरकार ने इस परियोजना को स्वतंत्र रूप से निष्पादित करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने 350 करोड़ रुपये की परियोजना को रद्द नहीं किया, बल्कि राज्य के सर्वोत्तम हित में इसे स्वतंत्र रूप से निष्पादित करने का विकल्प चुना है।
मंत्रियों ने निर्णय के पीछे के कारणों की व्याख्या करते हुए दावा किया कि परियोजना के लिए केंद्र द्वारा 100 करोड़ रुपये की धनराशि कई शर्तों के साथ दी गई थी, जिससे राज्य पर भारी वित्तीय बोझ पड़ता।
चौहान ने कहा, ‘‘केंद्रीय शर्तों के अनुसार हमें 300 एकड़ बेशकीमती जमीन, जिसकी कीमत करीब 500 करोड़ रुपये है, उद्योगपतियों को एक रुपये प्रति वर्ग मीटर की मामूली दर पर आवंटित करनी थी, जो कुल मिलाकर सिर्फ 12 लाख रुपये बैठती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘नड्डा जी को यह बताना चाहिए कि इतनी कीमती जमीन को मूंगफली के दाम पर देना हिमाचल प्रदेश के हितों के लिए कैसे फायदेमंद है।’’
दोनों मंत्रियों ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि केंद्र की शर्तों में कंपनियों को 3 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी दर पर बिजली उपलब्ध कराना शामिल है, हालांकि राज्य 7 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदता है।
धर्माणी ने कहा, ‘‘इन परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्र से प्राप्त 25 करोड़ रुपये वापस करने तथा राज्य के संसाधनों का उपयोग करके परियोजना को आगे बढ़ाने का विवेकपूर्ण निर्णय लिया।"
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2025 12:04 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

