जरुरी जानकारी | हिमाचल सरकार ने प्राकृतिक रूप से उगाई गई फसलों के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान शुरू किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से प्राकृतिक खेती में लगे किसानों के पंजीकरण के लिए एक महीने का विशेष अभियान शुरू किया है।

शिमला, 15 मई हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से प्राकृतिक खेती में लगे किसानों के पंजीकरण के लिए एक महीने का विशेष अभियान शुरू किया है।

प्राकृतिक फसलें उगाने वाले किसानों के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान बृहस्पतिवार को शुरू हुआ और 15 जून को समाप्त होगा।

एक सरकारी प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को यहां कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कृषि विभाग को अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में मिशन मोड पर पंजीकरण करने का निर्देश दिया है।

प्रवक्ता ने कहा कि पंजीकरण कराने के इच्छुक किसानों के लिए कृषि विभाग द्वारा शिविर आयोजित किए जाएंगे और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को किसानों की सहायता करने और उनके प्रश्नों का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक रूप से उगाए गए गेहूं, मक्का, कच्ची हल्दी और जौ के लिए आकर्षक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्राकृतिक रूप से उगाए गए गेहूं के लिए एमएसपी 40 रुपये से बढ़ाकर 60 रुपये प्रति किलोग्राम और मक्का का एमएसपी 30 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया है तथा प्राकृतिक रूप से उगाई गई कच्ची हल्दी के लिए 90 रुपये प्रति किलोग्राम और चंबा जिले के पांगी ब्लॉक में उगाए गए जौ के लिए 60 रुपये प्रति किलोग्राम करने की घोषणा की है।

इस बीच, बृहस्पतिवार को पूरे राज्य में प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं और हल्दी की खरीद शुरू हो गई।

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