हिलसा मछली का मिर्जापुर तक पहुंचना गंगा के स्वच्छ होने का संकेत: डॉक्टर बेहरा
गंगा नदी पर फरक्का बैराज बनने के बाद धीरे-धीरे लोगों की थाली से गायब हुई हिलसा मछली आने वाले समय में लोगों की थाली में फिर से लौट सकती है. करीब 30,000 हिलसा मछली बैराज के नीचे से लाकर ऊपर (अपस्ट्रीम में) छोड़ी गई और कुछ दिन पहले यह मछली उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में देखी गई है.
प्रयागराज (उप्र), पांच मार्च : गंगा नदी पर फरक्का बैराज बनने के बाद धीरे-धीरे लोगों की थाली से गायब हुई हिलसा मछली आने वाले समय में लोगों की थाली में फिर से लौट सकती है. करीब 30,000 हिलसा मछली बैराज के नीचे से लाकर ऊपर (अपस्ट्रीम में) छोड़ी गई और कुछ दिन पहले यह मछली उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में देखी गई है.
केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के सलाहकार डाक्टर संदीप बेहरा ने ‘पीटीआई ’ के साथ विशेष बातचीत में बताया कि हिलसा मछली के मिर्जापुर पहुंचने से पता चलता है कि यह ऊर्ध्वप्रवाह में बढ़ रही है. यह भी पढ़ें : 4 साल में 56 प्रतिशत बढ़े घरेलू गैस सिलेंडर के दाम, सब्सिडी में भारी गिरावट
उन्होंने कहा कि इससे संकेत मिलता है कि गंगा धीरे-धीरे स्वच्छ हो रही है और इसमें ऑक्सीजन का स्तर बढ़ रहा है, क्योंकि हिलसा मछली बहुत तेज भागती है और इसे बहुत अधिक ऑक्सीजन को जरूरत पड़ती है.