नयी दिल्ली, 11 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन से कहा है कि वह अपने शिकायत निपटारा अधिकारियों के ब्योरे के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम के तहत जब भी कोई शिकायत प्राप्त होती है तो अपनाई जाने वाली प्रक्रिया का विवरण पेश करे।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने लिंक्डइन को उसके पोर्टल पर प्रोफाइल बनाने वालों पर लागू नियमों को प्रस्तुत करने के लिए कहा। अदालत ने लिंक्डइन से अपनी वेबसाइट पर शिकायत निपटारा अधिकारियों के ई-मेल समेत उनके पते से संबंधित जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।
अदालत ने एक हालिया आदेश में कहा, ‘‘प्रतिवादी नंबर एक-लिंक्डइन, अपनी नीति के अनुसार शिकायत अधिकारियों के विवरण और लिंक्डइन प्रोफाइल बनाने वाले व्यक्तियों पर लागू नियमों को रिकॉर्ड पर रखेगा।’’
आदेश में कहा गया, ‘‘इसके अलावा, लिंक्डइन सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत शिकायत प्राप्त होने पर शिकायत निपटारा अधिकारियों द्वारा पालन की जाने वाली प्रक्रिया के बारे में भी बताएगा।’’
अदालत के निर्देश टाटा स्काई लिमिटेड द्वारा लिंक्डइन और अन्य पक्षों के खिलाफ एक मुकदमे पर आए। भारत के अग्रणी डीटीएच और पे टीवी प्लेटफॉर्म में से एक टाटा स्काई ने पिछले साल अपने नए नाम टाटा प्ले की घोषणा की क्योंकि इसके व्यावसायिक हित ‘डायरेक्ट टू होम’ सेवाओं से आगे बढ़ गए थे।
टाटा प्ले ने आरोप लगाया कि कई लोगों ने लिंक्डइन पर गलत तरीके से खुद को उसका कर्मचारी बताते हुए प्रोफाइल बनाए थे। याचिका में कहा गया कि कई लोग बिना किसी अधिकार, लाइसेंस या अनुमति के प्लेटफॉर्म पर अपने प्रोफाइल विवरण में टाटा स्काई नाम का गैरकानूनी रूप से उपयोग कर रहे थे और फर्जी तरीके से खुद को टाटा स्काई के खुदरा विक्रेता के रूप में प्रस्तुत कर रहे थे।
अदालत ने कहा कि वादी द्वारा शिकायत अधिकारी से संपर्क करने के बाद इस मुद्दे पर अपेक्षित कार्रवाई की गई थी।
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