देश की खबरें | अफजाल अंसारी की सजा पर रोक लगाने से उच्च न्यायालय का इनकार

प्रयागराज, 24 जुलाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गैंगस्टर के एक मामले में पूर्व सांसद अफजाल अंसारी की सजा पर रोक लगाने से सोमवार को इनकार कर दिया।

उच्च न्यायालय ने हालांकि गाजीपुर की एमपी-एमएलए अदालत के निर्णय के खिलाफ अंसारी की अपील पर उसे जमानत प्रदान की। गाजीपुर की विशेष अदालत ने अफजाल अंसारी को इस मामले में दोषी करार देते हुए चार साल के कारावास की सजा सुनाई थी और उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।

न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने इस मामले में यह आदेश पारित किया जिससे अंसारी सांसद के तौर पर अब भी अयोग्य है।

अंसारी के वकील ने दलील दी कि भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या में कथित संलिप्तता के आधार पर अंसारी पर गैंगस्टर लगाया गया था और उस मामले में अंसारी को बरी कर दिया गया है, इसलिए अब कुछ बचा नहीं है। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से इस पर आपत्ति की गई।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना निर्णय 12 जुलाई, 2023 को सुरक्षित रख लिया था।

उल्लेखनीय है कि गाजीपुर की विशेष अदालत ने 29 अप्रैल, 2023 को अफजाल अंसारी और मुख्तार अंसारी को 2007 के गैंगस्टर मामले में दोषी करार दिया था और अफजाल को चार साल और मुख्तार को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई थी।

निचली अदालत के निर्णय के बाद अफजाल अंसारी संसद की सदस्यता के अयोग्य हो गया था।

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