देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने ‘‘कछुए की गति’’ से काम करने के लिए आयकर अधिकारियों को लताड़ा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपील दायर करने में तकरीबन 500 दिन की देरी को माफ करने की आयकर अधिकारियों की एक याचिका को खारिज करते हुए कहा कि ‘‘एक माउस क्लिक करने भर’’ के इस हाई-टेक युग में भी कुछ सरकारी अधिकारी ‘‘कछुए की चाल’’ से काम करने का अपना रवैया नहीं छोड़ रहे हैं।
नयी दिल्ली, 25 अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपील दायर करने में तकरीबन 500 दिन की देरी को माफ करने की आयकर अधिकारियों की एक याचिका को खारिज करते हुए कहा कि ‘‘एक माउस क्लिक करने भर’’ के इस हाई-टेक युग में भी कुछ सरकारी अधिकारी ‘‘कछुए की चाल’’ से काम करने का अपना रवैया नहीं छोड़ रहे हैं।
उच्च न्यायालय ने कहा कि सरकारी अधिकारियों की लापरवाही या जानबूझकर बरती गई निष्क्रियता को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उसने कहा कि अब समय आ गया है कि कुछ सरकारी एजेंसियों में व्याप्त लापरवाही को हटाते हुए कर्मठता को स्थान दिया जाए, ताकि न्याय उपेक्षा, चूक, लापरवाही और उदासीनता की वेदी पर न चढ़े।
उच्च न्यायालय ने कहा कि विभिन्न निर्णयों के माध्यम से सभी स्तरों पर अदालतों द्वारा व्यक्त की गई वेदना के बावजूद, कुछ सरकारी विभागों के अधिकारियों के काम के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है।
न्यायमूर्ति राजीव शकधर एवं न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया की पीठ ने कहा, ‘‘व्यापक तौर पर, उचित कानूनी कार्रवाई शुरू करने में सरकारी एजेंसियों की ओर से इस प्रकार की देरी का कारण घोर शिथिलता, लापरवाही आदि है। ‘‘एक माउस क्लिक करने भर’’ के इस हाई-टेक युग में कुछ सरकारी अधिकारी ‘‘कछुए की चाल’’ से काम करने का अपना रवैया नहीं छोड़ रहे हैं।’’
पीठ ने कहा, ‘‘ सबसे खराब तो तब है, जब इस प्रकार की देरी का उद्देश्य केवल औपचारिकताएं पूरी करना होता है, ताकि सरकारी अपील खारिज कर दी जाएं...इसका उद्देश्य दूसरे पक्ष को फायदा पहुंचाना होता है।’’
अदालत ने कहा कि यह सही समय है कि ऐसे सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और सरकारी खजाने को हुई क्षति की भरपाई करने का दंड दिया जाए।
उच्च न्यायालय का यह आदेश प्रधान आयकर आयुक्त द्वारा दायर एक अर्जी को खारिज करते हुए आया। इस अर्जी में आयकर अधिनियम के तहत अपील दायर करने में 498 दिनों की देरी माफ करने का अनुरोध किया गया था। आयकर अधिनियम के तहत अपील दायर करने का समय 120 दिन है। उच्च न्यायालय ने अपील खारिज कर दी।
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