उच्च न्यायालय का प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत हर परिवार को एक किलो दाल देने का निर्देश
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नयी दिल्ली, 21 मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को एक किलोग्राम दाल मुहैया कराई जाए।

न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सुनवाई करते हुए आम आदमी पार्टी की सरकार से कहा कि लक्षित जनवितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के तहत हर उचित मूल्य की दुकान खाद्यान्नों के पात्रों के बारे में सूचना लगाएं।

पीठ ने कहा, ‘‘यह अदालत प्रतिवादी (दिल्ली सरकार) को निर्देश देती है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रति परिवार एक किलोग्राम दाल 16 मई से तीन महीने तक उपलब्ध कराई जाए।’’

उच्च न्यायालय ने राम्या कुट्टी की याचिका पर यह आदेश पारित किया। राम्या ने अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की थी कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज अथवा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना या किसी अन्य योजना के तहत दिल्ली के निवासियों को पात्रता के मुताबिक दाल का उचित वितरण करें।

याचिकाकर्ता ने अदालत से कहा कि याचिका दायर करने के बाद दिल्ली सरकार ने योजना के तहत 16 मई से दालों का वितरण शुरू कर दिया है।

बहरहाल, उन्होंने कहा कि दालों का वितरण योजना के तहत एक अप्रैल से किया जाना चाहिए।

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