देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने परिवारों से खतरे का सामना कर रहे दंपति को सुरक्षा देने का पुलिस को निर्देश दिया

नयी दिल्ली, 23 मार्च दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को पुलिस को उस दंपति को सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया, जिसने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी की थी और अब दोनों को उनसे जान का खतरा बताया जा रहा है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ के समक्ष शाम लगभग 4.50 बजे मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने के लिए उल्लेख किया गया क्योंकि दंपति को आशंका है कि उनके संबंधित परिवारों द्वारा उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है।

अदालत में मौजूद 20 वर्षीय महिला ने पीठ को बताया कि उसकी और व्यक्ति की शादी नवंबर 2021 में हुई थी और यह शादी उनके परिवारों को मंजूर नहीं थी और अब उसके पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

महिला ने कहा कि वह और उसका पति अब मध्य दिल्ली में रह रहे हैं और उन्होंने अदालत से उन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया।

अदालत ने पहाड़गंज थाने के एसएचओ को दंपति को आवश्यक सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया और बीट कांस्टेबल को अपना मोबाइल नंबर देने को कहा। अदालत ने कहा कि जब भी पुलिस को फोन किया जाये तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाये।

अदालत ने कहा कि इस आदेश के बारे में अधिकारियों के साथ-साथ दंपति के माता-पिता को भी सूचित किया जाएगा, जिन्हें याचिका में पक्षकार बनाया गया है।

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