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उच्च न्यायालय ने लॉकडाउन के बाद अदालती कामकाज को लेकर क्रमिक योजना के लिए बनायी कमेटी

उच्च न्यायालय ने कहा कि रातों-रात हालात सामान्य नहीं होंगे और अदालत का कामकाज केवल सुनियोजित या क्रमिक तरीके से बहाल हो सकता है। सामाजिक दूरी और अन्य बंदिशों को ध्यान में रखते हुए इसके लिए पहले से ही एक योजना तैयार करने की जरूरत है।

उच्च न्यायालय ने लॉकडाउन के बाद अदालती कामकाज को लेकर क्रमिक योजना के लिए बनायी कमेटी
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नयी दिल्ली, 22 अप्रैल कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के खत्म होने के बाद उच्च न्यायालय और निचली अदालतों के समक्ष आने वाले ‘‘नए मामलों की बाढ़’’ सहित विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक कमेटी बनायी है ।

उच्च न्यायालय ने कहा कि रातों-रात हालात सामान्य नहीं होंगे और अदालत का कामकाज केवल सुनियोजित या क्रमिक तरीके से बहाल हो सकता है। सामाजिक दूरी और अन्य बंदिशों को ध्यान में रखते हुए इसके लिए पहले से ही एक योजना तैयार करने की जरूरत है।

सभी जिला और सत्र अदालतों के न्यायाधीशों, प्रमुख न्यायाधीशों (परिवार अदालतों) को एक पत्र में उच्च न्यायालय ने कहा है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद दिल्ली में अदालतों में हालात सामान्य बनाने के लिए चरणबद्ध/क्रमिक बहाली की योजना की जरूरत होगी जिसके लिए विभिन्न मुद्दों का समाधान करने की जरूरत है ।

पत्र में कहा गया कि लॉकडाउन खत्म होने के तुरंत बाद हर किसी के लिए अदालतों को खोलना व्यावहारिक नहीं होगा, क्योंकि जिला अदालतों में आठ लाख से ज्यादा मामले और उच्च न्यायालय में करीब 80,000 मामले लंबित हैं ।

दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल ने ऐसी चुनौतियों से निपटने और हालात की जरूरत के मुताबिक अन्य मुद्दों के समाधान के लिए न्यायमूर्ति हिमा कोहली के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया है ।

रजिस्ट्रार जनरल मनोज जैन द्वारा 21 अप्रैल को जारी पत्र में जिला न्यायाधीशों से अपनी बार एसोसिएशनों से ब्योरा लेकर एक सप्ताह में सुझाव उच्च न्यायालय भेजने को कहा गया है ।

लॉकडाउन के कारण उच्च न्यायालय और निचली अदालतों का कामकाज तीन मई तक के लिए स्थगित कर दिया गया और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केवल जरूरी मामलों की ही सुनवाई हो रही है ।

पत्र में कहा गया है, ‘‘कामकाज स्थगित रहने के दौरान केवल अत्यंत जरूरी मामलों की ही सुनवाई हो रही है । लॉकडाउन के दौरान दाखिल नए मामलों की संख्या भी नगण्य है। इसलिए ऐसी संभावना है कि हालात सामान्य होने पर नए मामलों की बाढ़ आ जाएगी, जिसे संभालना थोड़ा मुश्किल होगा। न्याय प्रदान करने की व्यवस्था के सामने ये सभी दिक्कतें बड़ी चुनौती हैं।’’

इसके साथ ही कहा गया है कि फिलहाल अदालत में सामान्य कामकाज बहाल होने की किसी तारीख का अभी अनुमान नहीं लगाया जा सकता क्योंकि अभी बिल्कुल पता नहीं है कि महामारी का खतरा कब टलेगा ।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 22, 2020 04:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).