देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने बंगाल सरकार को चुनाव बाद हिंसा की रिपोर्ट पर पूरक हलफनामा दाखिल करने की अनुमति दी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को पश्चिम बंगाल सरकार को राज्य में विधानसभा चुनाव बाद हुई कथित हिंसा पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच समिति की रिपोर्ट के सिलसिले में पूरक हलफनामा दाखिल करने के लिए 31 जुलाई तक का समय दिया।

कोलकाता, 28 जुलाई कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को पश्चिम बंगाल सरकार को राज्य में विधानसभा चुनाव बाद हुई कथित हिंसा पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच समिति की रिपोर्ट के सिलसिले में पूरक हलफनामा दाखिल करने के लिए 31 जुलाई तक का समय दिया।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने निर्देश दिया कि इस विषय को फिर से दो अगस्त को सुनवाई के लिए लिया जाएगा।

उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के अनुरोध पर उसे पूरक हलफनामा दाखिल करने के लिए समय दे दिया।

भारतीय जनता पार्टी की मजदूर शाखा के दिवंगत नेता अविजीत सरकार की डीएनए रिपोर्ट भी अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल ने पीठ को सौंपी।

पीठ, विधानसभा चुनाव के बाद हिंसा के दौरान लोगों पर हुए हमले, उन्हें घर बार छोड़ने के लिए मजबूर करने और संपत्ति नष्ट्र करने का दावा करने वाली जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।

अदालत ने पहचान स्थापित करने के लिए सरकार के डीएनए का मिलान उनके भाई से कराने का निर्देश दिया था।

एनएचआरसी समिति ने 13 जुलाई को सौंपी गई अंतिम रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति पर तल्ख टिप्पणी की थी। अदालत के निर्देश पर आयोग के अध्यक्ष ने समिति गठित की थी।

हालांकि, राज्य सरकार ने सोमवार को सौंपे गये अपने हलफनामे में रिपोर्ट के निष्कर्षों को खारिज कर दिया और आरोप लगाया कि यह राजनीति से प्रेरित है तथा ममता बनर्जी सरकार को बदनाम करने के प्रति लक्षित है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\