देश की खबरें | केरल की नर्स को यमन में बचाने के लिए हस्तक्षेप संबंधी याचिका पर न्यायालय में सोमवार को सुनवाई

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नयी दिल्ली, 13 जुलाई उच्चतम न्यायालय सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें केंद्र को एक भारतीय नर्स को बचाने के लिए राजनयिक माध्यमों का इस्तेमाल करने के वास्ते निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

नर्स को हत्या के जुर्म में 16 जुलाई को यमन में फांसी दिए जाने की संभावना है।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ इस मामले की सुनवाई कर सकती है।

अधिवक्ता सुभाष चंद्रन के.आर. ने कहा था कि इस मामले में जल्द से जल्द राजनयिक माध्यम तलाशे जाने की आवश्यकता है, जिसके बाद मामले को 10 जुलाई को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था।

उन्होंने दलील दी थी कि शरिया कानून के तहत मृतक के परिवार को ‘ब्लड मनी’ देने की संभावनाएं भी तलाशी जा सकती हैं। उन्होंने दलील दी थी कि अगर ‘ब्लड मनी’ दे दी जाए तो मृतक का परिवार केरल की नर्स को माफ़ कर सकता है।

‘ब्लड मनी’ आरोपी (आमतौर पर हत्यारे) या उसके रिश्तेदारों द्वारा मृतक के परिजन को दिया जाने वाला मुआवजा होता है।

पीठ ने वकील से याचिका की प्रति अटॉर्नी जनरल को देने को कहा और उनकी सहायता मांगी।

केरल के पलक्कड़ जिले की रहने वाली 38 वर्षीय नर्स निमिषा प्रिया को यमन की एक अदालत ने 2017 में अपने यमनी व्यापारिक साझेदार की हत्या का दोषी करार दिया गया था। उन्हें 2020 में मौत की सजा सुनाई गई थी और उनकी अंतिम अपील 2023 में खारिज कर दी गई थी।

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