एचसीएल टेक्नोलॉजीज को चौथी तिमाही में 3,154 करोड़ रुपये का शूद्ध लाभ
कंपनी ने कहा कि कोविड-19 संकट की वजह से कुछ के लिये परेशानियां हो सकती हैं। इसमें ग्राहकों का नए प्रोजेक्ट देने में देरी करना और काम के आधार पर बिल का भुगतान इत्यादि शामिल हैं। कंपनी के परिणामों का आकलन भारतीय लेखा मानकों (इंड-एएस) के अनुरूप किया गया है।
नयी दिल्ली, सात मई देश की चौथी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीस का एकीकृत शुद्ध लाभ जनवरी-मार्च तिमाही में 24.3 प्रतिशत बढ़कर 3,154 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। इससे पिछले वित्त वर्ष 2018-19 की इसी तिमाही में कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ 2,550 करोड़ रुपये रहा था।
कंपनी ने कहा कि कोविड-19 संकट की वजह से कुछ के लिये परेशानियां हो सकती हैं। इसमें ग्राहकों का नए प्रोजेक्ट देने में देरी करना और काम के आधार पर बिल का भुगतान इत्यादि शामिल हैं। कंपनी के परिणामों का आकलन भारतीय लेखा मानकों (इंड-एएस) के अनुरूप किया गया है।
कोविड-19 संकट को देखते हुए विप्रो और इंफोसिस जैसी अन्य सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों की राह पर चलते हुए एचसीएल टेक्नोलॉजीस ने भी 2020-21 के लिए आय का अपना कोई अनुमान जारी नहीं किया है।
शेयर बाजार को दी जानकारी में कंपनी ने बताया कि समीक्षावधि में उसकी आय 16.3 प्रतिशत बढ़कर 18,590 करोड़ रुपये रही। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा 15,990 करोड़ रुपये था।
कंपनी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सी. विजयकुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ काम की मात्रा के आधार पर होने वाले हमारे भुगतान पर असर पड़ा है। कुछ नयी परियोजनाओं को लेकर निर्णय लेने में देरी हो रही है। वहीं कुछ ऑर्डरों पर कीमत में छूट मांगी गयी हैया भुगतान की अवधि को बढ़ाने के लिए कहा गया है। मांग के मोर्चे पर हमें यह दिक्कतें (कोविड-19 संकट की वजह से) पेश आ रही हैं।’’
उन्होंने कहा कि वाहन, विमानन, मनोरंजन और गैर-किराना खुदरा क्षेत्र पर कोविड-19 का ज्यादा बुरा असर पड़ा है। लेकिन दूरसंचार, वित्त सेवा और अन्य पेशेवर सेवाओं पर इसका असर बहुत कम है। वहीं कंपनी जीवन विज्ञान जैसे क्षेत्र में भी काम करती है।
विजयकुमार ने कहा कि हम दोनों तरह के असर देख रहे हैं। कंपनी के कमजोर कारोबारों की मांग मजबूत है और मजबूत कारोबारों की मांग कमजोर।
उन्होंने कहा कि कंपनी को नहीं लगता कि इस महामारी से उसके अपने ग्राहकों के साथ सालों के संबंध खत्म हो जाएंगे। उसके ग्राहकों में फॉर्च्यून 500 और वैश्विक 2000 ब्रांड जैसी कंपनियां शामिल हैं। इसलिए कंपनी को भरोसा है कि दीर्घावधि में यह साथ बना रहेगा, हालांकि लघु अवधि में कुछ चुनौतियां पेश आ सकती हैं।
विजयकुमार ने कहा कि कंपनी ने अभी सामान्य तौर पर नौकरियों पर रोक लगायी है। लेकिन डिजिटल, क्लाउड, साइबर सुरक्षा और इंटरनेट ऑफ थिंग्स के लिए लोगों को नौकरियां पर रखे जाना जारी है। कंपनी 15,000 फ्रेशर्स को भी नौकरी पर रखेगी जिन्हें ऑफर लेटर जारी कर दिए गए हैं। हालांकि कंपनी ने जुलाई में वेतन वृद्धि को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं किया है।
लॉकडाउन की वजह से सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियां विशेष तौर पर कर्मचारियों से घर से काम करा रही हैं। कंपनी ने बताया कि उसके वैश्विक परिचालन में काम कर रहे 96 प्रतिशत कर्मचारी घर से कार्य कर रहे हैं। मात्र 2.5 प्रतिशत कर्मचारी ही दफ्तर जा रहे हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 07, 2020 06:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

