नयी दिल्ली, छह अक्टूबर केरल के पत्रकारों के संगठन ने अपने साथी पत्रकार की मथुरा में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है। यह पत्रकार कथित तौर सामूहिक बलात्कार की शिकार हुयी युवती के हाथरस स्थित घर जा रहा था।
केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (केयूडब्ल्यूजे) ने पत्रकार सिद्दीकी कप्पन की गिरफ्तारी के खिलाफ न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है।
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इस संगठन ने अपने साथी पत्रकार की गिरफ्तारी को गैरकानूनी और असंवैधानिक बताते हुये उसे तत्काल पेश करने और गैरकानूनी हिरासत से रिहा करने का अनुरोध किया है।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को कहा था कि उसने मथुरा में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उससे संबद्ध संगठन से संबंध रखने वाले चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
पीएफआई पर देश में संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में हुये प्रदर्शनों का वित्तपोषण करने के भी आरोप लगे थे और उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया था।
पुलिस ने गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान मलप्पुरम के सिद्दीकी, मुजफ्फरनगर के अतीक-उर रहमान, बहराइच के मसूद अहमद और रामपुर के आलम के रूप में की थी।
गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों के बाद, केरल के प्रमुख पत्रकार संगठन ने मलप्पुरम निवासी सिद्दीकी को उनके पूरे नाम सिद्दीकी कप्पन से पहचाना। साथ ही संगठन ने कहा कि वह "दिल्ली के एक वरिष्ठ पत्रकार" हैं।
हाथरस में पिछले महीने अगड़ी जाति के चार लोगों ने 19 साल की एक दलित युवती से कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया था। इस लड़की की बाद में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मृत्यु हो गयी थी।
इसके बाद से हाथरस और देश के कई हिस्सों में इस घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
पुलिस ने इस मामले में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
अनूप
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