जरुरी जानकारी | हरियाणा की वित्तीय देनदारी 1.84 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंची: कैग रिपोर्ट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. हरियाण के ऊपर 31 मार्च, 2019 की स्थिति के अनुसार 1.84 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सकल वित्तीय देनदारी थी। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में यह कहा गया है।
चंडीगढ़, 27 अगस्त हरियाण के ऊपर 31 मार्च, 2019 की स्थिति के अनुसार 1.84 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सकल वित्तीय देनदारी थी। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में यह कहा गया है।
राज्य के वित्त पर कैग की 2019-20 की रिपोर्ट को हरियाणा विधानसभा में बुधवार को पेश किया गया। इसके अनुसार, ‘‘राज्य पर 31 मार्च, 2019 की स्थिति के अनुसार कुल देनदारी 1,84,216 करोड़ रुपये थी।’’
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रिपोर्ट में कहा गया है कि सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के अनुपात में राजकोषीय देनदारी में बढ़ने की प्रवृत्ति है। यह 2014-15 में 20.33 प्रतिशत थी जो 2018-19 में बढ़कर 26.05 प्रतिशत हो गयी।
एक दिन के सत्र में पेश कैग रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘ये देनदारी 2018-19 की स्थिति के अनुसार राजस्व प्राप्ति का 2.80 गुना और राज्य के संसाधनों का 3.64 गुना है।’’
राज्य के आंतरिक कर्ज में 96,825 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2014-15 में यह 58,143 करोड़ रुपये था जो 2018-19 में बढ़कर 1,54,968 करोड़ रुपये हो गया। यानी इसमें 167 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
रिपोर्ट के अनुसार 2018-19 में आतंरिक कर्ज के ऊपर 11,988 करोड़ रुपये का ब्याज दिया गया।’’
राज्य के इस साल के बजट में कर्ज देनदारी 2020-21 में 1.98 करोड़ रुपये से अधिक हो जाने का अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य निरंतर राजस्व घाटा वाला प्रदेश बना हुआ है।
हरियाणा का राजस्व घाटा 2018-19 में 11,270 करोड़ रुपये रहा जो राजस्व प्राप्ति का 17 प्रतिशत है। यह संकेत देता है कि राज्य सरकार की राजस्व प्राप्ति पर्याप्त नहीं थी।
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