जरुरी जानकारी | हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए पीएमएफबीवाई को स्वैच्छिक बनाया

चंडीगढ़, 23 जुलाई हरियाणा सरकार ने प्रदेश में किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) को स्वैच्छिक बनाने का फैसला किया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यहां जानकारी दी।

राज्य के कृषि और किसान कल्याण विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हरियाणा में प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसलों का बीमा प्राप्त करना अब पूरी तरह से किसानों की इच्छा पर निर्भर करेगा।’’

यह भी पढ़े | कोरोना की चपेट में उत्तर प्रदेश, ठीक होने वाले पीड़ितों के डिस्चार्ज को लेकर सरकार की तरफ से जारी हुई नही घोषणा.

प्रवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने इस योजना को किसानों की सुविधा के लिए पूरी तरह से स्वैच्छिक बनाने का फैसला किया है, और इस संबंध में एक अधिसूचना भी जारी की गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) रखने वाले किसान फसल बीमा की जरूरत नहीं होने पर अपने बैंकों में स्व-घोषणापत्र भी दे सकते हैं।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, मोदी सरकार ने नाइट ड्यूटी अलाउंस के नियमों में किया बदलाव.

इसके अलावा, जो किसान योजना में उल्लिखित अपनी फसलों को बदलना चाहते हैं, वे भी बैंकों में एक आवेदन दे सकते हैं।

प्रवक्ता ने यह भी कहा कि एक किसान को 24 जुलाई, 2020 से पहले संबंधित बैंक प्रबंधक को फसल बीमा योजना से बाहर निकलने की घोषणा प्रस्तुत करनी होगी।

इसके अलावा, जिन किसानों के पास केसीसी नहीं है, वे भी सामान्य सेवा केंद्रों या बैंकों के माध्यम से आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपनी फसलों का बीमा करवा सकते हैं।

बीमा प्राप्त करने के लिए, किसानों को भूमि प्रमाण की एक प्रति, आधार कार्ड, बैंक की प्रति, किराया समझौता, फोटोग्राफ और फसल बुवाई प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)