देश की खबरें | हरियाणा कांग्रेस ने अगले महीने होने वाले नगर निकाय चुनाव मतपत्रों से कराने की मांग की
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चंडीगढ़, 10 फरवरी कांग्रेस की हरियाणा इकाई ने सोमवार को मांग की कि राज्य में अगले महीने होने वाले नगर निकाय चुनाव पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के बजाय मतपत्रों के जरिए कराए जाएं।
पार्टी की प्रदेश इकाई के प्रमुख उदयभान के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने मांग पर जोर देने के लिए पंचकूला में हरियाणा राज्य निर्वाचन आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा।
हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि सात नगर निगमों, चार नगर परिषदों और 21 नगर समितियों के लिए आम चुनाव दो मार्च को होंगे जबकि पानीपत नगर निगम के लिए मतदान नौ मार्च को होगा।
फरीदाबाद, गुरुग्राम, मानेसर, हिसार, करनाल, रोहतक और यमुनानगर नगर निगमों के लिए मतदान दो मार्च को होगा।
कांग्रेस नगर निगम वार्ड और नगर परिषद अध्यक्ष चुनाव पार्टी चिह्न पर लड़ रही है, जहां पार्टी उम्मीदवार सत्तारूढ़ भाजपा से मुकाबला करेंगे।
इससे पहले, अक्टूबर में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस भाजपा से सत्ता छीनने में असफल रही थी।
इस बीच, राज्य निर्वाचन आयुक्त को ज्ञापन सौंपने से पहले यहां पत्रकारों से भान ने कहा कि पार्टी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ईवीएम के बजाय मतपत्रों के इस्तेमाल की मांग कर रही है।
भान ने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में ईवीएम पर कई सवाल उठाए गए हैं और ‘‘स्वतंत्र तथा निष्पक्ष ढंग से चुनाव’’ संपन्न कराने के लिए मतपत्रों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, उत्तराखंड में हाल में हुए नगर निकाय चुनाव मतपत्रों के माध्यम से कराए गए थे।’’
कांग्रेस की इस मांग के बारे में पूछे जाने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि विपक्षी पार्टी ‘‘बेहद डरी हुई’’ है क्योंकि उसके पास चुनाव लड़ने के लिए कोई वैध मुद्दा नहीं है।
उन्होंने कहा कि ‘‘लोगों का रुख भाजपा के पक्ष में है’’।
इस बीच, सोमवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा, ‘‘देश में चुनाव लोकतंत्र की रीढ़ हैं। तकनीक की उन्नति के कारण, मतपत्रों के स्थान पर ईवीएम की शुरुआत की गई।’’
इसमें कहा गया, ‘‘हालांकि, इसकी कमजोरी, विश्वसनीयता, हैकिंग और अन्य संबंधित मुद्दों को अकसर विभिन्न मंचों पर उठाया जाता रहा है। लेकिन संबंधित अधिकारी समय-समय पर उठाई गई शिकायतों को दूर करने और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहे, जबकि यह उनका कर्तव्य है कि वे लोगों को समझाएं कि ईवीएम वास्तव में निष्पक्ष हैं।’’
कांग्रेस के ज्ञापन में कहा गया, ‘‘हाल में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में डाले गए और गिने गए मतों में अंतर, प्रतिशत वृद्धि की घोषणा आदि जैसे नए मुद्दे उठाए गए..।’’
ज्ञापन में कहा गया, ‘‘उत्तराखंड में हाल में नगरपालिका चुनावों में मतपत्रों का उपयोग फिर से शुरू हुआ है। हम चाहते हैं कि हरियाणा में नगर निगम चुनाव कराने वाला तंत्र निष्पक्ष होकर ईवीएम के स्थान पर मतपत्रों का उपयोग फिर से शुरू करे ताकि राजनीतिक दलों और जनता के बीच विश्वास पैदा हो सके।’’
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