देश की खबरें | हर्षवर्धन ने मप्र के मातृ, बाल स्वास्थ्य संकेतकों पर चिंता जतायी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने सोमवार को मध्य प्रदेश के मातृ और बाल स्वास्थ्य संकेतकों के राष्ट्रीय औसत से अधिक रहने पर चिंता जतायी और मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों को भरने तथा राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का कम से कम आठ प्रतिशत स्वास्थ्य क्षेत्र में खर्च करने को कहा।
नयी दिल्ली, 10 अगस्त केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने सोमवार को मध्य प्रदेश के मातृ और बाल स्वास्थ्य संकेतकों के राष्ट्रीय औसत से अधिक रहने पर चिंता जतायी और मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों को भरने तथा राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का कम से कम आठ प्रतिशत स्वास्थ्य क्षेत्र में खर्च करने को कहा।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान के अनुसार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्रों में सुधार के संबंध में वर्धन से डिजिटल मुलाकात की।
राज्य सरकार के अधिकारियों ने वर्ष 2023 तक मध्य प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक कार्ययोजना भी पेश किया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस संबंध में अपने सुझाव दिए और चौहान ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनके सभी सुझावों को पूरी तरह से लागू किया जाएगा।
यह भी पढ़े | Manipur BJP Government Won Trust Vote: मणिपुर में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार ने विश्वास मत जीता.
स्वास्थ्य मंत्री ने चौहान को महामारी के दौरान शपथ लेने के बावजूद मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के प्रबंधन के लिए और उनके बीमारी से उबरने के लिए बधाई दी।
उन्होंने मध्य प्रदेश को उन कुछ राज्यों में से एक होने के लिए बधाई दी जिन्होंने अपने नागरिकों के लिए सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने का संकल्प लिया है। वर्धन ने कहा कि राज्य की 78 प्रतिशत आबादी आयुष्मान भारत योजना में शामिल है।
उन्होंने राज्य में केवल 28.26 प्रतिशत स्वास्थ्य केंद्रों के चालू होने के बावजूद महामारी के दौरान एक करोड़ लोगों के वहां आने की चर्चा की जबकि मध्य प्रदेश की कुल जनसंख्या आठ करोड़ है।
वर्धन ने राज्य से ऐसे और केंद्रों को जल्द से जल्द चालू करने को कहा।
स्वास्थ्य मंत्री ने हालांकि, राज्य में मातृ और बाल स्वास्थ्य संकेतकों को लेकर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि राज्य में मातृ और बाल स्वास्थ्य संकेतक चिंताजनक हैं और मातृ मृत्यु दर प्रति एक लाख जन्म पर 173 है जबकि शिशु मृत्यु दर प्रति 1,000 जन्म पर 48 है। ये सब राष्ट्रीय औसत की तुलना में अधिक हैं।
बयान के अनुसार, वर्धन ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग में मानव संसाधनों की तीव्र कमी की ओर भी ध्यान दिलाया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)