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हर्षवर्धन ने कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई में रोटरी सदस्यों के योगदान की सराहना की

उन्होंने पीएम-केयर्स फंड में 26 करोड़ रूपये का दान देने को लेकर रोटरी के सदस्यों को धन्यवाद भी दिया।

हर्षवर्धन ने कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई में रोटरी सदस्यों के योगदान की सराहना की
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नयी दिल्ली, 21 अप्रैल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने मंगलवार को रोटरी क्लब के सदस्यों से घातक कोविड-19 के खिलाफ देश की लड़ाई में अधिकाधिक लोगों को शामिल करने के लिए आगे आने की अपील की।

उन्होंने पीएम-केयर्स फंड में 26 करोड़ रूपये का दान देने को लेकर रोटरी के सदस्यों को धन्यवाद भी दिया।

वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उनसे संवाद करते हुए मंत्री ने कहा,‘‘मैं कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में रोटरी सदस्यों के योगदान को वाकई महत्व देता हूं। पीएम केयर्स में दान करने, उपकरण, सैनिटाइजर, भोजन, अस्पतालों को पीपीई किट और एन95 मास्क प्रदान करने के संदर्भ में उनका प्रयास सराहनीय है।’’

हर्षवर्धन ने कहा कि चीन द्वारा दुनिया के सामने कोराना वायरस का खुलासा करने पर भारत सबसे पहले कदम उठाने वाला देश था।

उन्होंने कहा, ‘‘ अगले ही दिन, भारत ने स्थिति की निगरानी के लिए कदम उठाया और संयुक्त निगरानी दल की पहली बैठक हुई। ज्यादातर देश कोरोना वायरस के लिए टीके और दवा विकसित करने में लगे हैं। दुनिया इस तथ्य को स्वीकार कर रही है कि भारत इस संक्रमण के खिलाफ अपनी लड़ाई में अन्य देशों से बहुत अच्छी स्थिति में है।’’

स्वास्थ्य मंत्री ने कोविड-19 के टीके विकसित होने तक लॉकडाउन और सामाजिक मेल-जोल से दूरी के सिद्धांतों के महत्व पर भी बल दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘कई देश बहु प्रतीक्षित टीके को विकसित करने में जुटे हैं , वैसे यह एक लंबी यात्रा होने जा रही है।’’

उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय परीक्षण प्रक्रिया को तीव्र बनाने के लिए नवोन्मेष एवं कुछ परियोजनाओं के वित्तपोषण में लगा है।

हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘श्री चित्र तिरुनाल आयुर्विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान ने एक सस्ता नैदानिक परीक्षण किट विकसित किया है, जो महज दो घंटे में कोविड-19 की जांच कर सकता है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इस परीक्षण किट के विकास के लिए धन मुहैया कराया और चित्रा जीन लैंप-एन नामक यह किट सार्स-कोव-2 एन-जीन के लिए बहुत खास है। यह जीन के दो क्षेत्रों का पता लगा सकता है जिससे यह सुनिश्चित होगा कि मौजूदा प्रसार के दौरान यदि एक क्षेत्र के वायरस के जीन में परिवर्तन होता है तो भी यह परीक्षण फेल नहीं होगा।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2020 11:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).