देश की खबरें | गुजरात विधानसभा ने आवारा पशुओं की शहरी इलाकों में आवाजाही रोकने वाले विधेयक को वापस लिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पशुपालकों के भारी विरोध के चलते गुजरात विधानसभा ने बुधवार को सर्वसम्मति से उस विधेयक को वापस ले लिया जिसमें मवेशियों की शहरी सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर आवाजाही प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव था। इस विधेयक को कई महीने पहले विधानसभा ने पारित किया था।

गांधीनगर, 21 सितंबर पशुपालकों के भारी विरोध के चलते गुजरात विधानसभा ने बुधवार को सर्वसम्मति से उस विधेयक को वापस ले लिया जिसमें मवेशियों की शहरी सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर आवाजाही प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव था। इस विधेयक को कई महीने पहले विधानसभा ने पारित किया था।

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कुछ दिन पहले ही ‘ शहरी क्षेत्र में गुजरात मवेशी नियंत्रण (पालन और आवाजाही) विधेयक’ को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राज्य सरकार को ‘‘इसपर पुनर्विचार और जरूरी बदलाव’’ के अनुरोध के साथ लौटा दिया था, जिसके बाद इसे विधानसभा ने वापस ले लिया है।

इस विधेयक को इस साल अप्रैल में विधानसभा ने पारित किया था। विधेयक में पशुपालकों के लिए मवेशी पालने हेतु लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य किया गया था और उनके पशुओं को आवारा घूमते पाए जाने पर जेल तक की सजा का प्रावधान किया गया था।

दो दिवसीय विधानसभा सत्र के पहले दिन बुधवार को शहरी विकास मंत्री विनोद मोरडिया ने विधेयक को वापस लेने का प्रस्ताव पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। इस प्रस्ताव का सत्तारूढ़ भाजपा के साथ-साथ विपक्षी कांग्रेस ने भी समर्थन किया।

विधेयक वापस लेने के प्रस्ताव पर मतदान से पहले विधानसभा की अध्यक्ष नीमाबेन आचार्य ने सदन को सूचित किया कि इस विधेयक को राज्यपाल ने 17 सितंबर को संदेश के साथ लौटाया था।

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