देश की खबरें | ‘वाई वेस्ट’ अभियान के तहत 2500 विद्यार्थियों के समूह और आरडब्ल्यू प्लास्टिक से ईको-ब्रिक बना रहे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के करीब 2,500 विद्यार्थियों का समूह और रेजीडेंट वेल्फेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) मिलकर नये अभियान के तहत बेकार प्लास्टिक से पर्यावरण अनुकूल ईंटें (इको-ब्रिक) बना रहा है।
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर दिल्ली के करीब 2,500 विद्यार्थियों का समूह और रेजीडेंट वेल्फेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) मिलकर नये अभियान के तहत बेकार प्लास्टिक से पर्यावरण अनुकूल ईंटें (इको-ब्रिक) बना रहा है।
पर्यावरण अनुकूल ईंटें दरअसल प्लास्टिक की बोतलें हैं जिनमें इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक को भरा जाता है और इसका इस्तेमाल इमारत निर्माण सामग्री के तौर पर भी किया जाता है।
गांधी जयंती के अवसर पर गैर लाभकारी संगठन यूनाइटेड वे दिल्ली और उसके कॉरपोरेट साझेदार ने मिलकर ‘वाई वेस्ट’ अभियान की शुरुआत की जिसका उद्देश्य प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करना उनका दोबारा इस्तेमाल करना और घरों से कूड़े के तौर पर निकलने वाले नॉन बयोडिग्रेडेबल (प्राकृतिक रूप से नहीं सड़ने वाला) प्लास्टिक कचरे का पुनर्चक्रण करना है।
अभियान के तहत आरडब्ल्यूए को घरों से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे को ईको-ब्रिक के तौर पर निपटान करना है जिसे अभियान साझेदार एकत्र करेगा और इस्तेमाल करने वाली वस्तुओं में परिवर्तित करेगा।
जिन आरडब्ल्यूए से सबसे अधिक इको-ब्रिक प्राप्त होगी उनके एसोसिएशन को पुनर्चक्रण कर बनाए फर्नीचर दिए जाएंगे।
यूनाइटेड वे दिल्ली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन एस गोलवालकर ने कहा, ‘‘दि वाई वेस्ट अभियान स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ा हुआ है और यह नागरिकों को प्लास्टिक के पुनर्चक्रण और दोबारा इस्तेमाल के फायदे के प्रति जागरूक कर समुदाय में बदलाव लाने की पहल है क्योंकि घरों में बिना इस्तेमाल अंत: कूड़े के ढेर में जाती है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत में रोजाना प्लास्टिक का उत्पादन बढ़ रहा है। हर वर्ष 50 टन प्लास्टिक बेकार चला जाता है जिसका प्रबंधन और वर्गीकरण घर में व्यक्तिगत तौर किया जा सकता है और पुनर्चक्रण किया जा सकता है।’’
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