जरुरी जानकारी | विदेशों में सुधार के बाद भी मूंगफली तेल तिलहन में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. खाद्य तेलों की वैश्विक कीमतों में सुधार के बावजूद दिल्ली तेल- तिलहन बाजार में शनिवार को मूंगफली तेल तिलहन के भाव गिरावट के साथ बंद हुए। सोयाबीन तेल तिलहन, बिनौला और पामोलीन तेल कीमतों में सुधार देखने को मिला जबकि सरसों तेल तिलहन और सीपीओ तेल के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
नयी दिल्ली, 23 जुलाई खाद्य तेलों की वैश्विक कीमतों में सुधार के बावजूद दिल्ली तेल- तिलहन बाजार में शनिवार को मूंगफली तेल तिलहन के भाव गिरावट के साथ बंद हुए। सोयाबीन तेल तिलहन, बिनौला और पामोलीन तेल कीमतों में सुधार देखने को मिला जबकि सरसों तेल तिलहन और सीपीओ तेल के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
बाजार सूत्रों ने कहा कि ऊंचे भाव होने के कारण मांग प्रभावित होने से मूंगफली तेल तिलहन की कीमतों में गिरावट आई। शुक्रवार को शिकागो एक्सचेंज के लगभग ढाई प्रतिशत मजबूती के साथ बंद होने से शनिवार को घरेलू स्तर पर सोयाबीन तेल तिलहन में सुधार आया। इसके अलावा शिकागो एक्सचेंज मजबूत बंद होने से बिनौला और पामोलीन तेल के भावों में भी सुधार देखा गया। मांग होने से सरसों तेल तिलहन तथा सामान्य कारोबार के बीच सीपीओ के भाव पूर्व-स्तर पर बने रहे।
सूत्रों ने कहा कि तेल उद्योग के तमाम हितैषी लोगों ने भी सरकार से मांग की है कि वैश्विक कीमतों में गिरावट के मद्देनजर खाद्य तेलों पर लगने वाले शुल्क को फिर से बहाल किया जाय। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने पर देश का किसान और तेल तिलहन उद्योग प्रभावित हो सकता है।
कारोबारी सूत्रों ने दावा किया कि बड़े खाद्य तेल ब्रांडों द्वारा अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में दो बार कमी किये जाने के बावजूद सरसों तेल का एमआरपी अभी 25-30 रुपये अधिक है। इसी तरह सूरजमुखी तेल का एमआरपी 30-35 रुपये, सोयाबीन और पामोलीन तेल का एमआरपी 20-25 रुपये अधिक है। इन खाद्यतेलों के दाम में और कमी की गुंजाइश है।
सूत्रों ने कहा कि कांडला बंदरगाह पर पामोलीन की अगस्त में आने वाली खेप की कीमत 88-90 रुपये प्रति लीटर बैठती है। उन्होंने सवाल किया कि अधिक लागत वाला सरसों तेल इसका मुकाबला किस तरह कर पाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, खाद्य तेलों पर आयात शुल्क को पहले की तरह बहाल कर देना चाहिये जिससे देश को राजस्व की भी प्राप्ति होगी और बाजार सस्ते आयातित तेल से पटने से भी बचेगा। स्थानीय किसानों को अपनी तिलहन ऊपज बेचने के लिए सस्ते आयातित तेल से प्रतिस्पर्धा नहीं करनी होगी और वे अपना तिलहन उत्पादन बढ़ाने को प्रेरित होंगे।
शनिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 7,120-7,170 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,795 - 6,920 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,000 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,670 - 2,860 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 14,200 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,250-2,330 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,280-2,395 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,850 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,600 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 11,000 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,950 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,750 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 11,600 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 6,250-6,300 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज 6,025- 6,100 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 23, 2022 08:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

