क्रूज टूरिस्टों पर ग्रीस ने लगाया टैक्स
ग्रीस ने अपने द्वीपों पर पहुंच रहे क्रूज जहाजों से टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है.
ग्रीस ने अपने द्वीपों पर पहुंच रहे क्रूज जहाजों से टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है. इसे टूरिस्ट टैक्स कहा जा रहा है जो हर पैसेंजर पर लगाया जा रहा है.ग्रीस अपने सबसे मशहूर पर्यटन स्थलों पर टूरिस्टों की भारी भीड़ से निपटने के लिए नई कोशिश कर रहा है. अब सेंटोरिनी और मायकोनोस जैसे मशहूर द्वीपों पर डॉक करने वाले क्रूज जहाजों को प्रति यात्री 20 यूरो टैक्स देना पड़ रहा है. ग्रीस के वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा, "कानून के अनुसार, सेंटोरिनी, मायकोनोस पर टैक्स लागू होगा और बाकी द्वीपों में यह छोटे स्तर पर लागू किया जाएगा."
नए नियमों के मुताबिक, छोटे द्वीपों पर जाने वाले क्रूज जहाजों को प्रति पैसेंजर पांच यूरो टैक्स देना होगा. ग्रीस को उम्मीद है कि इस टैक्स से उसे सालाना 5 करोड़ यूरो की अतिरिक्त आय होगी. टैक्स एक जून से 30 सितंबर तक चलने वाले टूरिस्ट सीजन के दौरान लागू रहेगा. ग्रीस, यह विधेयक 2024 में लेकर आया. इसका लक्ष्य कुछ पर्यटक स्थलों पर सैलानियों के भारी हुजूम से निपटना है.
ग्रीस के द्वीपों पर सैलानियों का तांता
ग्रीस, क्रूज पैंसेजरों से वसूले जाने वाले पैसे का इस्तेमाल द्वीपों के आधारभूत ढांचे पर खर्च करना चाहता है. रकम का कुछ हिस्सा उन बंदरगाहों पर लगाया जाएगा, जहां अभी कुछ ही क्रूज एक साथ ठहर सकते हैं. दुनिया भर में क्रूज पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है. हेलेनिक पोर्ट्स एसोसिएशन के मुताबिक 2024 में 79 लाख लोगों ने क्रूज यात्रा की.
इस दौरान मायकोनोस द्वीप में 13 लाख सैलानी पहुंचे. ठंडे पड़ चुके ज्वालामुखी पर बसे सांतोरिनी द्वीप तक भी इतने ही पर्यटक पहुंचे.
सांतोरिनी में पिछले साल ही, अधिकतम 8,000 क्रूज पैसेंजर प्रतिदिन की लिमिट तय कर दी थी. इसके बावजूद इस साल टैक्स की शुरुआत के वाले दिन ही 8,400 सैलानी सांतोरिनी पहुंचने वाली लिस्ट में थे.
क्या कह रहे हैं ग्रीस में कुछ स्थानीय लोग
सुर्ख सफेद रंगों वाली इमारतों वाला सांतोरिनी अपने स्वर्णिम सूर्यास्त के लिए विख्यात है. लेकिन पर्यटकों की भारी संख्या के कारण अब द्वीप में ट्रैफिक जाम, पानी की कमी, कचरे की समस्या बड़ा सिरदर्द बन चुकी है.
कई स्थानीय लोगों की शिकायत है कि क्रूज शिपों से बहुत प्रदूषण भी हो रहा है. कुछ कहते हैं कि पर्यटक आते तो हैं लेकिन पैसा कम ही खर्च करते हैं. क्रूज पैसेंजरों से वसूले जा रहे टैक्स को लेकर हर कोई खुश नहीं है. स्थानीय पोर्ट प्रशासन के प्रमुख ने बीते शुक्रवार को सरकार से टैक्स को कुछ समय तक टालने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह टैक्स द्वीपों के बीच भेदभाव भरी होड़ भी पैदा करता है.
क्रूज शिप इंडस्ट्री ने भी ग्रीस के इस टैक्स पर भौंहे सिकोड़ी हैं. उद्योग का कहना है कि टूरिज्म से ग्रीस हर साल दो अरब यूरो कमाता है और इस संख्या में क्रूज यात्रियों का आंकड़ा तो बहुत ही छोटा है. 2024 में 4.07 करोड़ टूरिस्ट ग्रीस पहुंचे. 2023 के मुकाबले यह संख्या 12.8 फीसदी ज्यादा है.
पर्यटकों के तांते से परेशान होते कुछ यूरोपीय शहर
ग्रीस से पहले यूरोप के कुछ अन्य शहर भी ऐसे ही कदम उठा चुके हैं. 2024 में इटली के वेनिस शहर ने कुछ खास दिनों में प्रति पर्यटक पांच यूरो टैक्स लगाया.
स्पेन में भी सरकार गैरकानूनी शॉर्ट टर्म रेंट के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है. एयरबीएनबी और बुकिंग डॉट कॉम को आदेश दिया है कि वे अपने प्लेटफॉर्मों से ऐसे हजारों ऑफर हटाएं. स्पेन के कुछ शहरों में अल्प अवधि के किराये की वजह से मकानों का किराया आसमान छूने लगा. जरूरतमंदों को घर नहीं मिल रहे थे क्योंकि कई मकान मालिक कुछ समय के लिए पर्यटकों को घर किराये पर देकर अच्छी खासी कमाई कर रहे थे. इसके विरोध में स्पेन के बार्सिलोना और मैड्रिड में बड़े प्रदर्शन भी हुए, जिनके बाद सरकार ने शॉर्ट टर्म रेंटल को गैराकानूनी घोषित कर दिया. फ्रांस के बाद दुनिया भर में सबसे ज्यादा पर्यटक स्पेन ही जाते हैं.
स्पेन के मार्योका द्वीप में पर्यटकों की भारी भीड़ की वजह से किराये और पेयजल आपूर्ति का संकट अक्सर सुर्खियों में आता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 02, 2025 12:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

