देश की खबरें | गोवा के जंगलों को बाघ अभयारण्य घोषित करने की सरकार की अनिच्छा महादेई नदी के लिए 'ताबूत में कील': संगठन
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पणजी, 14 जुलाई ‘महादेई बचाओ अभियान’ (एमबीए) ने गोवा के जंगलों को बाघ अभयारण्य घोषित करने में कथित रूप से इच्छुक नहीं होने के लिए गोवा सरकार की शुक्रवार को आलोचना की।
राज्य वन्यजीव बोर्ड ने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई एक बैठक में कई गैर-सरकारी संगठनों द्वारा की गई बाघ अभयारण्य संबंधी मांगों को खारिज कर दिया।
एमबीए अध्यक्ष निर्मला सावंत ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘यदि बाघ अभयारण्य की मांग स्वीकार कर ली जाती, तो इससे महादेई नदी विवाद में कर्नाटक के खिलाफ गोवा का मामला मजबूत होता। एक कदम से पूरा मुद्दा सुलझ जाता। राज्य सरकार का इनकार महादेई नदी के मामले में ताबूत में एक और कील की तरह है।’’
गोवा और कर्नाटक महादेई नदी के पानी के बंटवारे को लेकर आपसी विवाद में उलझे हुए हैं और गोवा अपने दक्षिणी पड़ोसी पर नियमों की अनदेखी कर एकतरफा निर्माण कार्य करने का अकसर आरोप लगाता रहा है।
सावंत ने कहा कि राज्य के जंगलों को बाघ अभयारण्य घोषित करने से पश्चिमी घाट की सुरक्षा में भी काफी मदद मिलती।
‘महादेई बचाओ अभियान’ ने राज्य में ‘महादेई बचाओ’ आंदोलन की शुरुआत की थी।
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