देश की खबरें | विपक्षी दलों की सरकारों ने 'एक जिला, एक माफिया' नीति को बढ़ावा दिया : आदित्यनाथ
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को विपक्षी दलों पर उनके कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार करने और "एक जिला, एक माफिया" की नीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
गोरखपुर (उप्र), नौ जुलाई उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को विपक्षी दलों पर उनके कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार करने और "एक जिला, एक माफिया" की नीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार विकास और अपराध को कतई बर्दाश्त नहीं करने पर केंद्रित है।
मुख्यमंत्री ने यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपनी सरकार के वृक्षारोपण अभियान के आलोचकों पर सवाल उठाए।
आदित्यनाथ ने कहा, "मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं जो वृक्षारोपण कार्यक्रम पर सवाल उठा रहे हैं। जब उनके पास मौका था, तब वे कुछ नहीं कर पाए। उन्होंने योजनाओं को भ्रष्टाचार का केंद्र, लूट का केंद्र बना दिया था।"
उन्होंने आगे कहा, "आज हमारी सरकार एक जिला, एक उत्पाद, एक जिला, एक फसल दे रही है और ये लोग, चाहे समाजवादी पार्टी हो, कांग्रेस हो या बहुजन समाज पार्टी, उनकी सरकारों ने एक जिला, एक माफिया दिया।"
उन्होंने कहा कि इन दलों ने "भाई-भतीजावाद के नाम पर समाज में ज़हर फैलाने का काम किया।”
मुख्यमंत्री ने दावा किया, "ये माफिया जंगलों की अवैध कटाई, अवैध खनन, जमीनों पर कब्जा करने, अराजकता फैलाने और गरीबों पर अत्याचार करने में लिप्त थे।"
उन्होंने जोर देकर कहा, "माफिया प्रवृत्तियों को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति का नतीजा अब पूरे देश में दिख रहा है। इसी का नतीजा है कि राज्य के युवाओं के सामने पहचान का कोई संकट नहीं है।"
आदित्यनाथ ने लखनऊ में स्थित जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को लेकर पिछली समाजवादी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा, "लखनऊ में एक जेपीएनआईसी है। जेपी गांधीवादी विचारधारा और देश में मूल्य-आधारित राजनीति के लिए जाने जाते थे। उन्होंने राजनीति में मूल्यों और आदर्शों की स्थापना की वकालत की और भाई-भतीजावाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी। समाजवादी पार्टी ने ऐसे नेता को बदनाम करने का काम किया।"
मुख्यमंत्री ने परियोजना से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, "लखनऊ में बने जेपीएनआईसी केंद्र को याद कीजिए, इसकी लागत सिर्फ 200 करोड़ रुपये थी और मार्च 2017 तक 860 करोड़ रुपये खर्च हो चुके थे, और यह अभी भी पूरा नहीं हुआ है।"
पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए आदित्यनाथ ने कहा, "सीबीआई जांच जारी है और इसीलिए बबुआ (बच्चा) गुस्से में है कि उनकी लूट, उनका भ्रष्टाचार उजागर हो रहा है।"
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